नई दिल्ली (एएनआई) Cyclone Amphan:राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने चक्रवात अम्फान के चलते गुरुवार को लोगों को सरकार की हरी झंडी मिलने तक बाहर ना जाने की सलाह दी है।

एनडीएमए ने ट्विटर पर लिखा कि , " चक्रवात के बाद केवल तभी घरों से बाहर जायें जब सरकारी अधिकारियों द्वारा सब ठीक है को स्पष्ट संदेश मिल जाये। चक्रवात अम्फान की वजह से 20 मई को ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्र में भूस्खलन हुआ और देश के विभिन्न हिस्सों के मौसम पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। एनडीएमए ने कहा कि बिहार में गरज और चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। जबकि अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में अलग-अलग स्थानों पर हल्की और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।

तेज रफ्तार से चलेंगी हवायें

अथॉरिटीज के मुताबिक लक्षद्वीप, केरल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर हल्की और तेज हवायें चलेंगी। वहीं दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने की संभावना है। एनडीएमए ने यह भी कहा कि मेघालय और पश्चिम असम में हवा की गति 30-40 किमी प्रति घंटा से बढ़ कर 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच रही है।

सालों बाद आया सुपर साइक्लोन

रिपोर्टस में कहा गया है कि भारत में 21 साल के बाद कोई सुपर साइक्लोन आया है। साल 1999 में एक चक्रवात ओडिशा के तट से टकराया था जिसे पारादीप साइक्लोन का नाम दिया गया था, जिसने जानमाल का भारी नुकसान किया था। अम्फान के बारे में जानकारी है कि इससे ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई तटीय जिले प्रभावित हैं। ओडिशा में पुरी, गंजाम, जगतसिंहपुर, कटक, केंद्रापाड़ा, जाजपुर, गंजाम, भद्रक और बालासोर जबकि पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर, 24 दक्षिण और उत्तरी परगना, हावड़ा, हुगली, पश्चिमी मिदनापुर और कोलकाता पर इसका असर पड़ा है।

Posted By: Molly Seth

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