-पयर्टन, संस्कृति व धर्मार्थ कार्य राज्यमंत्री ने गंगा आरती समिति के पदाधिकारियों से मिलकर जानी समस्याएं

-घाटों की सफाई के साथ शहर को सजाने का ऑफिसर्स को निर्देश

VARANASI

पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ। नीलकंठ तिवारी ने कहा कि देव दीपावली पर्व को अगले साल गिनीज बुक ऑफ व‌र्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराए जाने को विभिन्न देव दीपावली एवं गंगा आरती समिति के प्रतिनिधि संगठित प्रयास करें। अयोध्या का दीपोत्सव कार्यक्रम सरकारी होता है, लेकिन काशी के सभी 84 घाटों सहित शहर के कुंडो एवं तालाबों पर मनाया जाने वाला देव दीपावली पर्व यहां के स्थानीय लोगों का अपना कार्यक्रम है। इस अवसर पर गंगा के सभी घाटों पर रिकॉर्ड दीपक जलाए जाते हैं और घाटों की छटा अद्भुत एवं अविस्मरणीय होती है। इस अद्भुत छटा को अपने दिलो-दिमाग में कैद करने के लिए देश विदेश से बड़ी संख्या में सैलानी यहां आते हैं।

तैयारियों की समीक्षा की

देव दीपावली पर्व की तैयारियों की समीक्षा के दौरान पर्यटन मंत्री ने समितियों के प्रतिनिधियों से घाटों पर आ रही परेशानियों की भी जानकारी हासिल की। उन्होंने कहा कि प्रशासन उनको हर संभव मदद करेगा। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को गंगा के सभी घाटों के साथ आसपास की सड़कों एवं गलियों की समुचित सफाई कराने के निर्देश दिए। प्रमुख मार्गो पर लगे हेरिटेज लाइटों को झालरों से सजाने को कहा। कुछ घाटों पर थाना प्रभारियों द्वारा अनुमति पत्र मांगे जाने की शिकायत पर बोले कि अनुमति प्रशासन से प्राप्त है। किसी भी घाट के लिए अलग से अनुमति की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि देव दीपावली पर्व पर 11 लाख से अधिक दीपक जगमग होंगे। इस साल दीपक बड़े आकार के होंगे ताकि 5-6 घंटे तक जलते रहें और सैलानी तथा श्रद्धालु इस अद्भुत एवं अविस्मरणीय पल को देर तक निहार सकें। मीटिंग में डीएम कौशल राज शर्मा, एसएसपी प्रभाकर चौधरी समेत संबंधित विभागों के तमाम ऑफिसर्स मौजूद रहे।

यहां होंगे कल्चरल प्रोग्राम

रविदास घाट, रीवा घाट, निषाद राज घाट, चेत सिंह घाट, महानिर्वाणी घाट, प्राचीन हनुमान घाट, चौकी घाट, राजा घाट, पांडे घाट, दरभंगा घाट, सिंधिया घाट, राम घाट, लाल घाट, बद्रीनारायण घाट, नंदेश्वर घाट एवं गाय घाट।

Posted By: Inextlive

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