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6000

सरकारी बसें चलाने का दावा किया गया है 3 से 5 फरवरी के बीच

60

की क्षमता होती है एक बस में सवारी बैठाने की दिन में दो राउंड चलाने पर 120 यात्रियों का औसत आएगा

7.20

लाख कुल यात्री बसों से पहुंचे प्रयागराज तीन दिन में

214

स्पेशल ट्रेनें चलाई एनसीआर, एनईआर और एनआर ने तीन दिनों में

20

कोच थे प्रत्येक स्पेशल ट्रेन में अधिकतम

72

सीटें होती हैं एक कोच में, संख्या दुगुना कर देने पर नौ लाख पैसेंजर्स पहुंचे ट्रेनों से

200

ट्रेनें रेग्युलर पास होती हैं इलाहाबाद जंक्शन से प्रतिदिन

23

कोच अधिकतम होते हैं इन ट्रेनों में, सभी ट्रेनें ओवरफ्लो चलें तो भी नौ लाख से ज्यादा पैसेंजर नहीं पहुंचे इन ट्रेनों से

64

लाख के करीब है प्रयागराज जिले की कुल आबादी

10

फ्लाइटें चलतीं हैं कुल इलाहाबाद से

180

अधिकतम क्षमता है बंगलुरु एयरबस की

05

लाख वाहनों को पार्क करने की व्यवस्था का दावा

40

लाख तक ही अधिकतम लोग आ सकते हैं इन वाहनों से

balaji.kesharwani/mukesh.chaturvedi@inext.co.in

आंकड़े जिम्मेदारों की ओर से जारी किये गए हैं. वह भी जो अधिकतम जो क्षमता हो सकती है और वह भी जिन्होंने मौनी अमावस्या और उसके एक दिन आगे-पीछे स्नान किया है. आंकड़े खुद बयां करते हैं कि कितना झोल है इसमें. आंकड़ों की हकीकत दावों के आसपास भी नहीं टिकती. दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट ने अपने इंवेस्टिगेशन में मैक्सिमम लिमिट से ऊपर जाकर भी क्रॉस चेक किया तो ऐसा ही कुछ सामने आया है.

पूरा जिला आ गया मानने पर भी मैच नहीं

प्रयागराज शहर की कुल आबादी 2011 की जनगणना के अनुसार 64 लाख के आसपास है. करीब नौ सालों में हॉयर लिमिट नौ लाख जनसंख्या में वृद्धि होना भी मान लिया जाय तो यह आंकड़ा 72 लाख तक ही पहुंचता है. दावे की सच तक पहुंचने के लिए रिपोर्टर ने मान लिया कि पूरा जिला मौनी अमावस्या और उसके एक दिन आगे-पीछे संगम तट पर डुबकी लगाने के लिए पहुंचा होगा. जिले के बाहर के लोगों का पैदल कुंभ एरिया तक पहुंचना नामुमकिन है. साधन के रूप में परिवहन निगम की तरफ से छह हजार बसें चलाने का दावा किया जा रहा है. हर बस का दो राउंड कम से कम लगाना भी मान लें तो 7.20 लाख लोग इन बसों से सफर कर सकते हैं. हर बस में 100 यात्रियों का चलना भी मान लिया जाय तो अधिकतम 12 लाख लोग इससे यहां पहुंचे होंगे.

ट्रेनें ठसाठस हों तब भी स्थिति जुदा

मौनी अमावस्या के तीन दिनों के दौरान एनईआर, एनआर और एनसीआर ने स्पेशल ट्रेनें चलायीं. इनकी संख्या अप-डाउन मिलाकर कुल 214 रही. सभी ट्रेनें फुल पैक होकर हर दिन दो राउंड लगायें तो आंकड़ा 428 तक पहुंचता है और यात्रियों की संख्या नौ लाख के आसपास. इलाहाबाद जंक्शन से हर दिन करीब दो सौ ट्रेनें अप-डाउन मिलाकर रेग्युलर पास होती हैं. इनकी भी अधिकतम क्षमता दो हजार से ज्यादा पैसेंजर्स की नहीं है. मान लें कि सभी यात्री प्रयागराज और आसपास के स्टेशनों पर उतर गये तो भी यह आंकड़ा चार लाख तक नहीं पहुंचता. यानी ट्रेनों से इन तीन दिनों में अधिकतम 13 लाख तक ही पहुंचकर टिक जाता है.

खुद के वाहन थे बड़ा सहारा

बड़ी संख्या में लोग अपने साधनों से संगम तट तक पहुंचे थे. मेला क्षेत्र के आसपास के एरिया में जो पार्किंग स्थल बनाये गये थे, उसमें अधिकतम पांच लाख वाहनों के पार्क किये जाने का दावा किया गया था. इसमें सवारी बसें भी शामिल थीं. मान लें कि प्राइवेट वाहन ही इन पार्किंग स्थल पर भरे रहे तो भी अधिकतम 25 से 30 लाख लोग ही पहुंच सकते हैं.

दो लाख लोग कर रहे कल्पवास

मेला एरिया में खाद्य आपूर्ति विभाग की तरफ से सभी कल्पवासियों का कार्ड बनाया गया है. इस पर उन्हें आटा, चावल, चीनी और किरासिन तेल की सप्लाई की जा रही है. कुल कार्ड 55867 बने हैं. यूनिट 1,66,802 है. यानी इतने लोग ऑफिशियली कल्पवास कर रहे हैं. कुछ लोग अखाड़ों से सुविधा ले रहे हैं या घर से राशन आदि लेकर आये हैं. इस आंकड़े को दोगुना कर दिया जाय तब भी कुल संख्या सवा तीन लाख तक ही पहुंचती है. कल्पवासियों से इतर लोगों का आंकड़ा भी दो लाख के आंकड़े से ज्यादा नहीं है.

कल्पवासियों को कुल 55867 कार्ड जारी किये गये हैं. इन कार्डो के आंकड़ों के अनुसार विभाग 166802 लोगों के लिए सामग्री उपलब्ध करा रहा है.

पारस नाथ पाल

एआरओ, फूड एंड सप्लाई

अभी हमारे पास एग्जैक्ट डाटा उपलब्ध नहीं है कि कुल कितनी बसें और कितने राउंड चलीं. इनसे पैसेंजर्स के सफर करने का डाटा भी अभी हमारे पास नहीं है.

हरिश्चन्द्र

आरएम, यूपीआरटीओयू, प्रयागराज

स्पेशल ट्रेनें एनसीआर, एनआर और एनईआर के स्टेशनों से चलायी गयी. अप-डाउन मिलाकर कुल 214 स्पेशल ट्रेनें चलीं. इलाहाबाद जंक्शन और आसपास के स्टेशनों से कुल 412826 लोग टिकट लेकर इन ट्रेनों से रवाना हुए.

सुनील कुमार गुप्ता

पीआरओ, इलाहाबाद मंडल

तीन से पांच फरवरी के बीच कुल पांच करोड़ से अधिक लोग संगम तट पर डुबकी लगाने के लिए पहुंचे हैं. मौनी अमावस्या पर्व को सकुशल सम्पन्न कराने में सहयोग देने वाले सभी को मैं धन्यवाद देता हूं.

विजय किरण आनंद

कुंभ मेला अधिकारी