खिलाडि़यों के लिए सुविधाओं का भी अभाव

द्रोणाचार्य के बिना दम तोड़ रहीं प्रतिभाएं

- चार माह से नहीं है स्टेडियम में ऑर्चरी का कोच

- सुविधाएं न मिलने से किसी तरह काम चला रहे खिलाड़ी

mitendra.gupta@inext.co.in

Meerut. कैलाश प्रकाश स्टेडियम में चार माह से आर्चरी का कोच नहीं है. बिना ट्रेनर की आर्चरी के खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं. स्टेडियम में खिलाडि़यों के लिए सुविधाओं का भी आभाव है. सुविधाओं के अभाव प्रतिभा दम तोड़ रही है.

नहीं है पर्याप्त ग्राउंड

आर्चरी का अभ्यास करने के लिए स्टेडियम में पर्याप्त ग्राउंड भी नहीं है. स्टेडियम के गेट में घुसते ही बाई ओर थोड़ी सी जगह में ही खिलाड़ी अभ्यास करते हैं.

टॉरगेट पड़े हैं खराब

आर्चरी के खिलाड़ी जिस पर टारगेट लगाते हैं वह ही खराब पड़ा है. उसको जैसे तैसे ठीक कर उस पर ही खिलाड़ी निशान साधते हैं. कई बार मांग कर चुके हैं खिलाड़ी पर स्थिति जस की तस बनी हुई है.

नहीं है कोई फेस

निशाने लगाने के बाद जिस पर खिलाड़ी काउंटिंग करते हैं. स्टेडियम में वह एक भी नहीं है. जो पहले थे वह खराब हो चुके हैं.

महंगा आता है सामान

आर्चरी का सामान काफी महंगा आता है. खिलाडि़यों के पास इतने पैसे नहीं है वह आर्चरी का सामान खरीद सकें. आर्चरी की तीन तरह ही किट आती हैं. जिसमें इंडियन राउंड बो तो पांच हजार रुपये की आ जाती है. लेकिन रिकव व कंपाउंड दो से चार लाख रुपये का आता है.

चार माह से यहां पर कोई कोच नहीं है. मार्च तक एक कोच थे उनका पोस्टिंग बाहर हो गई. इसके बाद अभी तक कोई नहीं आया है. अपने आप की प्रैक्टिस करते हैं.

अमित सरायवाल, नेशनल खिलाड़ी आर्चरी

आर्चरी का सामान बहुत महंगा आता है. स्टेडियम में कोई सुविधा नहीं है. हमारे पास इतना पैसा नहीं है कि हम सामान खरीद सके. अभ्यास के लिए ग्राउंड भी नहीं है.

-नीरज चौहान, सब जूनियर नेशनल खिलाड़ी आर्चरी

बिना कोच के ही रोज अभ्यास करते हैं. अधिकारियों से मांग की है जल्द किसी कोच की व्यवस्था कराई जाए. जिससे हमारे अंदर जो कमियां है उनको ठीक करा दे.

-ताशु, मिनी नेशनल खिलाड़ी आर्चरी

आर्चरी के अभ्यास के लिए पर्याप्त ग्राउंड नहीं है. थोड़ी सी ही जगह है जहां पर हम अभ्यास करते हैं. अभ्यास के लिए ग्राउंड और सामान बहुत जरूरी है. यदि वह मिल जाए जो अभ्यास अच्छा हो जाएगा.

-आकाश, आर्चरी खिलाड़ी

आर्चरी के कोच के लिए शासन से मांग की है. मार्च तक यहां पर आर्चरी के कोच थे. लेकिन उनका पोस्टिंग कहीं और हो गई. उसके बाद किसी की पोस्टिंग नहीं हुई है. शासन को दोबारा से पत्र भेज कोच नियुक्त करने की मांग करेंगे.

-अजय कुमार सेठी क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी