सैन फ्रांसिस्को (आईएएनएस)फेसबुक के एक बड़े बग ने यूएसए टुडे, बजफेड और मीडियम जैसे कुछ प्रमुख मीडिया आउटलेट्स से कोरोना वायरस के बारे में कई वैध पोस्ट, समाचार और टिप्पणियां हटा दी हैं। इसको लेकर कंपनी को खूब आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, इस खतरनाक वायरस के बारे में गलत और फेक स्वास्थ्य सूचनाओं के प्रसार पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से, फेसबुक के न्यूज फीड स्पैम फिल्टर ने वैध वेबसाइटों के URL को ब्लॉक कर दिया है। फेसबुक के पूर्व मुख्य सुरक्षा अधिकारी ने अपने बयान में कहा, 'ऐसा लग रहा है कि एफबी पर एक एंटी-स्पैम नियम चल रहा है। फेसबुक ने कल होम कंटेंट मॉडरेटर्स भेजे, जो आमतौर पर कंपनी द्वारा की गई गोपनीयता प्रतिबद्धताओं के कारण डब्ल्यूएफएच (घर से काम) नहीं कर सकते। हम शायद कम मानवीय निरीक्षण के साथ एमएल की शुरुआत कर रहे हैं।'

फेसबुक ने मानी गलती

वहीं, इसपर फेसबुक के प्रोडक्ट मैनेजमेंट विभाग में वाईस प्रेसिडेंट गाई रोसेन ने कहा, 'हम सुरक्षा को लेकर काम कर रहे हैं। साइट पर एक एंटी-स्पैम सिस्टम में बग है, जो हमारे कंटेंट मॉडरेटर वर्कफोर्स में किसी भी बदलाव से संबंधित नहीं है। हम इन सभी पोस्टों को ठीक करने और वापस लाने की प्रक्रिया में हैं।' बाद में, उन्होंने कहा कि फेसबुक ने उन सभी पोस्ट को बहाल कर दिया है जो गलती से हटा दिए गए थे, जिसमें सभी विषयों पर पोस्ट शामिल थे न कि केवल COVID-19 से संबंधित। इसके अलावा, कंपनी ने भी इसपर अपनी सफाई देते हुए कहा कि ऑटोमेटेड सिस्टम की वजह से इस तरह की समस्या आई है, जो अपमानजनक वेबसाइटों के लिंक को हटाता है लेकिन गलती से कई अन्य पोस्ट्स को भी हटा दिया।

फर्जी खबरों को रोकने के लिए सभी कंपनियां एक साथ

बता दें कि शीर्ष तकनीकी दिग्गज फेसबुक, गूगल, लिंक्डइन, माइक्रोसॉफ्ट, रेडिट, ट्विटर और यूट्यूब अपने प्लेटफॉर्म पर COVID-19 से जुड़ी फर्जी खबरों और गलत सूचनाओं से लड़ने में मदद करने के लिए एक साथ आए हैं। फेसबुक और इंस्टाग्राम ने पहले ही लोगों को कोरोना वायरस आपातकाल का फायदा उठाने से रोकने के लिए अपने प्लेटफार्मों पर मेडिकल फेस मास्क बेचने वाले विज्ञापनों और वाणिज्य सूची पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है।

Posted By: Mukul Kumar

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