Newly eligible electors पर रहेगी नजर
इस लोकसभा इलेक्शन में यूथ को इग्नोर करना पॉलिटिकल पार्टीज और कैंडीडेट्स को महंगा पड़ सकता है. देश में इस बार 2 करोड़ 31 लाख से ज्यादा ऐसे इलेक्टर्स हैैं, जिन्हें पहली बार अपने वोटिंग राइट का इस्तेमाल करने का मौका मिला है. कंट्री में टोटल इलेक्टर्स का 2.8 परसेंट न्यूली इलीजिबल इलेक्टर्स है.

9 परसेंट electors 18 से 19 साल age group के
स्टेट के करीब 1 करोड़ 99 लाख इलेक्टर्स में से 18 लाख 2 हजार 248 इलेक्टर्स 18 से 19 साल एज ग्र्रुप के हैैं. स्टेट के टोटल इलेक्टर्स में इनका परसेंटेज 9 है. इस मामले में पहले स्थान पर दादरा एंड नगर हवेली है, यहां न्यूली इलिजिबल इलेक्टर्स का परेंसेंटेज 9.9 है. झारखंड के बाद न्यूली इलिजीबल इलेक्टर्स के परसेंटेज के मामले में दमन एंड दीव, मिजोरम और त्रिपुरा का स्थान है. बात अगर ईस्ट सिंहभूम डिस्ट्रीक्ट की करें तो यहां 18 से 19 साल एज ग्र्रुप के इलेक्टर्स की संख्या करीब डेढ़ लाख है, जो डिस्ट्रीक्ट में मौजूद टोटल इलेक्टर्स का करीब 9.69 परसेंट है.

संख्या के मामले में भी है चौथा स्थान
न्यूली इलिजबल इलेक्टर्स की संख्या के मामले में भी झारखंड का कंट्री में चौथा स्थान है. 18 से 19 साल एज ग्र्रुप के करीब 38 लाख इलेक्टर्स के साथ उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है, उसके बाद वेस्ट बंगाल और राजस्थान का नंबर है. झारखंड के बाद न्यूली इलिजीबल इलेक्टर्स की सबसे ज्यादा संख्या बिहार में है.

Report by: jamshedpur@inext.co.in