- रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा

- औडि़हार डेमू शेड की फेक वेबसाइट बनाकर बेरोजगारों से वसूल रहे हैं पैसे

- सीधी भर्ती के नाम पर वसूल रहे पैसे, रेलवे ने जारी किया अलर्ट

GORAKHPUR: गवर्नमेंट जॉब में रेलवे सबकी पहली पसंद है. बेरोजगार भी इसमें एंट्री के लिए हर मुमकिन कोशिश में लगा रहता है. एक बार अगर भर्ती हो गई तो लाइफ सेट है. रेलवे की इस नौकरी के लिए सपने सजाए लोगों पर शातिरों की नजर है. वह हर बार उन्हें लूटने का एक नया तरीका ढूंढ ही लेते हैं. इस बार शातिरों ने सीधी भर्ती के नाम पर निशाना साधा है और उसका सोर्स बना औडि़हार का डेमू शेड, जिसके जरिए वह बेरोजगारों को नौकरी के सुनहरे सपने दिखाकर उनकी जेबें खाली करने में लग गए हैं. इसको लेकर रेलवे ने अलर्ट जारी किया है. साथ ही कैंडिडेट्स को ऐसे कोई भी फॉर्म न भरने और किसी को भी इसके लिए पैसा न देने की वकालत की है.

नहीं जारी किया है विज्ञापन

रेलवे ऑफिसर्स ने पब्लिक नोटिस जारी करते हुए भर्ती के लिए इंटरेस्टेड कैंडिडेट्स को अलर्ट किया है. एनई रेलवे के वाराणसी मंडल के अंडर बने औडि़हार डेमू शेड में नियुक्ति के लिए रेलवे ने न तो कोई अधिसूचना जारी है और न ही किसी तरह का विज्ञापन. इसलिए ऐसे फॉर्म भरते समय खास ध्यान रखें. अधिकारियों की मानें तो एनई रेलवे एडमिनिस्ट्रेशन की नोटिस में यह बात आई है कि कुछ अराजक तत्वों ने www.aunrihar.in से एक फेक वेबसाइट बनाई गयी है, जिसमें औडि़हार डेमू शेड में सीधी भर्ती प्रॉसेस का लालच देकर ऑनलाइन पेमेंट की मांग की जा रही है.

दर्ज कराई एफआईआर

एनई रेलवे वारणसी मंडल के पीआरओ की मानें तो रेलवे एनई रेलवे के किसी भी मंडल में कोई भी भर्ती हेडक्वार्टर गोरखपुर रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड या रेलवे रिक्रूटमेंट सेल के जरिए ही दी जाती है. एनई रेलवे से ऐसी कोई भी अधिसूचना या सीधी भर्ती का विज्ञापन 'औडि़हार डेमू शेड' के संदर्भ में नहीं जारी किया गया है. इसको देखते हुए उस फर्जी वेबसाइट के खिलाफ वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी वाराणसी राहुल श्रीवास्तव ने जालसाजी व आईटी एक्ट के तहत वाराणसी जिले के सिगरा थाने में बीते 17 जुलाई को एफआईआर भी दर्ज करा दी है.

रखें ध्यान

- रेल भर्ती बोर्ड परीक्षाओं में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह कम्प्यूटराइज है और पूरी तरह उम्मीदवारों की योग्यता पर बेस्ड है.

- रेलवे भर्ती बोर्ड कभी भी एजेंट्स या कोचिंग सेंटर्स को अपने लिए काम करने को नामित नहीं करता है.

- सिर्फ रेल भर्ती बोर्ड की अधिकारिक वेबसाइट और रेल भर्ती बोर्ड की ओर से जारी विज्ञापन पर ही भरोसा करें.

- दलालों और जॉब रेकेटर्स से सावधान रहें, जो आपसे रेलवे में किसी प्रभाव से या फिर दूसरे अनुचित माध्यम से नौकरी दिलाने का झूठा वादा करके आपको धोखा देने की कोशिश कर रहे हैं.

- रेलवे भर्ती बोर्ड की अधिकारिक वेबसाइट से मिलती-जुलती वेबसाइट्स पर भी खास ध्यान दें.

- कोई भी संदेह होने पर नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं.

- अगर कोई परेशानी हो तो इसके लिए रेलवे हेल्प लाइन नंबर्स का इस्तेमाल करें.

बॉक्स

गोरखपुर में हो चुके हैं कई केस

गोरखपुर में नौकरी के नाम पर ठगी के पहले भी मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें बेरोजगारों और उनके घर वालों की मेहनत की कमाई शातिरों ने ठग ली. इसमें बिछिया रेलवे कॉलोनी में रहने वाले राम ध्यान ने रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर गांव के पांच लोगों को करीब पौने छह लाख रुपए दे दिए. उन्होंने रेलवे में काम करने वाले एक व्यक्ति को यह रुपए दिए, लेकिन न तो नौकरी मिल सकी और न ही पैसा. वहीं चौरी चौरा की रहने वाली लड़कियों से टीटीई ने नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे ऐंठ लिए थे, लेकिन उनको नौकरी नहीं मिल सकी. इतना ही नहीं रेलवे की विजिलेंस टीम ने भी रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले रैकेट का भांडाफोड़ किया था, यह गिरोह तो बाकायदा ज्वॉइनिंग लेटर तक दे देता था. मामला तब खुला जब जीएम ऑफिस में एक साथ कई लोग फर्जी लेटर लेकर ज्वॉइनिंग करने के लिए पहुंचे. बाद में विजिलेंस ने इनवेस्टिगेट कर कामयाबी हासिल की.

वर्जन

रेलवे डेमू शेड औडि़हार में सीधी भर्ती के लिए कुछ असमाजिक तत्वों ने फर्जी वेबसाइट बना ली है और वह ऑनलाइन पेमेंट के जरिए बेरोजगारों को लूट रहे हैं. वेबसाइट के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है.

- महेश गुप्ता, पीआरओ, वाराणसी