- गुड फ्राइडे पर गिरजाघरों में चला विशेष प्रार्थना सभाओं का दौर

- प्रभु के कहे सात वचनों को समुदाय के लोगों ने किया याद

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ALLAHABAD: संसार को मानवता, शांति और प्रेम का संदेश देने वाले प्रभु यीशु को गुड फ्राइडे के दिन ही क्रूस पर चढ़ा दिया गया था. इस मौके पर फ्राइडे को गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया गया. प्रार्थना सभा के बाद क्रूस पर चढ़ाये जाने के बाद प्रभु यीशु द्वारा कहे गए सात वचनों के बारे में चर्चा की गई. सेन्ट पीटर्स चर्च म्योराबाद में भी इस मौके पर विशेष प्रार्थना की गई. चर्च के प्रीस्ट रेव्ह. प्रवीण मैसी ने प्रभु के संदेशों के बारे में लोगों को जानकारी देते हुए मानव जाति के लिए किए गए उनके बलिदान को याद किया. इस अवसर पर बड़ी संख्या में मसीही समुदाय के लोग मौजूद रहे.

यीशु दरबार में हुई विशेष प्रार्थना सभा

यीशु दरबार में भी गुड फ्राइडे के अवसर पर विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया. इस अवसर पर प्रभु के सातों वचनों को जीवंत किया गया. बिशप मोस्ट रेव्ह. प्रो. राजेन्द्र बी लाल ने उपस्थित अनुयाइयों से कहा कि वे मृत्यु के भय को त्यागकर प्रभु यीशु मसीह के बताये सत्य और शांति के मार्ग पर चलें. उन्होंने बाताया कि प्रभु यीशु मसीह को जब क्रूस पर चढ़ाया गया तो सबसे पहले उन्होंने कहा कि हे पिता इन्हें क्षमा कर क्योकि ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं. प्रार्थना सभा में सैमुअल रिचमंड, फादर जय प्रकाश, यीशु दरबार की उपाध्यक्ष डॉ. सुधा लाल, बिशप डीके साहू समेत अन्य वक्ताओं ने सातों वचनों को एक एक करके बताया और उसके पीछे छिपे गूढ़ रहस्य पर चर्चा की. प्रार्थना सभा के बाद कई मसीही भजन की प्रस्तुति हुई.

Posted By: Inextlive