-कॉलेजेज में इंग्लिश, मैथ्स और साइंस के नहीं है विशेषज्ञ टीचर्स

-स्टूडेंट्स की पढ़ाई पर पड़ रहा असर, ले रहे कोचिंग का सहारा

>BAREILLY

माध्यमिक शिक्षा विभाग की उदासीनता और शासन की बेरुखी के चलते करीब हजारों बच्चों का भविष्य अंधेरे में है. हाईस्कूल और इंटर कॉलेज में टीचर्स की कमी है. इसका खामियाजा स्टूडेंट्स को भुगतना पड़ रहा है. हाईस्कूल और इंटर कॉलेजेज में मैथ्स, साइंस और अंग्रेजी की क्लासेज चलती ही नहीं है. जहां क्लास चल भी रही हैं तो हाल यह है कि मैथ का सब्जेक्ट हिंदी के टीचर को पढ़ाना पड़ रहा है.

कॉलेजेज में टीचर्स की कमी

जिले में 15 जूनियर हाईस्कूल और सात इंटर कॉलेज हैं. इनमें करीब तीन लाख से अधिक स्टूडेंट्स शिक्षा ग्रहण करते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि इन स्टूडेंट्स को टीचर्स की भारी कमी से जूझना पड़ रहा है. इसका असर उनकी पढ़ाई पर पड़ रहा है. मानक के अनुसार जिले के 15 हाईस्कूल में 15 प्रिंसिपल्स और 105 शिक्षक होने चाहिए. लेकिन माध्यमिक शिक्षा विभाग के पास दस प्रिंसिपल्स और 52 सहायक शिक्षक हैं. वहीं सात इंटर कॉलेजेज में पांच प्रिंसिपल्स के पद खाली हैं. इसके अलावा 56 प्रवक्ता और 32 सहायक अध्यापक के पद पर काफी लंबे समय से तैनाती नहीं हुई है. मैथ्स, साइंस और अंग्रेजी के शिक्षकों की स्थिति और भी चिंताजनक है.

शिक्षक संघ ने की मांग

माध्यमिक शिक्षक संघ के (चंदेल गुट) के मीडिया प्रभारी जितेन्द्र वाष्र्णेय ने कहा कि संगठन के पदाधिकारियों ने शासन से कई बार रिक्त पदों पर शिक्षकों की तैनाती की मांग की, लेकिन शासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया. वहीं यूपी माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) के डॉ. राजेन्द्र कुमार गंगवार ने कहा कि फरवरी में होने वाले सम्मेलन में संगठन हुंकार रिक्त पदों पर शिक्षकों की तैनाती की मांग उठाएगा.

इन विद्यालयों की स्थिति दयनीय

राजकीय हाईस्कूल बल्ली में सात सहायक अध्यापक में से छह पद खाली हैं. राजकीय हाईस्कूल ज्योतिजागीर और बीजामऊ में से सात में से दो ही सहायक शिक्षक तैनात तैनात हैं. इसके चलते कॉलेजेज में अंग्रेजी, मैथ और साइंस सब्जेक्ट को विशेषज्ञ शिक्षक नहीं पढ़ा रहे हैं. मजबूरी में दूसरे विषयों के विशेषज्ञ शिक्षक स्टूडेंट्स को पढ़ाने को मजबूर हैं. वहीं मजबूरी में स्टूडेंट्स को अपना भविष्य बनाने के लिए कोचिंग का सहारा लेना पड़ रहा है.

कॉलेजेज में शिक्षकों की भारी कमी है. शासन को वास्तविक स्थिति से अवगत करा दिया गया है. इसके अलावा सभी प्रिंसिपल्स को आदेश दिए गए हैं कि हर हालत में क्लास चलाएं.

गजेन्द्र कुमार, डीआईओएस