-बेटियों के दबे मन से निकल रहा डर, पुलिस कर रही समाधान

-योगी सरकार द्वारा शुरू किए गए कवच अभियान से शहर की 13 हजार से ज्यादा बच्चियों को जोड़ा गया

आगरा. नजदीकी रिश्तेदार, पड़ोसी व दोस्तों के साथ बच्चियां खुद को सुरक्षित महसूस करती हैं, लेकिन इनमें से कई उनके भरोसे का फायदा उठाते हैं. मुश्किल तब आती है जब अपनों के खिलाफ आवाज नहीं उठा पाते और उनके टॉर्चर और टीसिंग को सहते रहते हैं. कहें भी तो आखिर किससे. न कोई विश्वास करेगा और अगर मान भी जाएं तो रिश्तों की दुहाई दे कर चुप करा दिया जाता है. ऐसी तमाम बाते तब सामने आई जब कवच अभियान की टीम और पुलिस विभाग स्कूली बच्चियों के बीच पहुंचा. छेड़खानी की घटनाएं रुकें और बच्चियां खुद अपनी सुरक्षा को लेकर सक्षम हों, इसके लिए शासन द्वारा इस समय कवच अभियान चलाया जा रहा है. हर स्कूल में पुलिस विभाग द्वारा बच्चियों को खुद की सुरक्षा करने के उपाय बताए जा रहे हैं.

अनकंफर्टेबल फील होता है

घर से स्कूल तक जाने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. गलियों से लेकर चौराहों तक ईव टीजिंग होती है तो कई बार भद्दे-भद्दे कमेंट्स से असहजता महसूस होने लगती है. इन सबसे तो निपटा भी जाए, लेकिन जब बच्चियों को अपने ही अनकंफर्टेबल फील कराएं तो उसके लिए क्या किया जाए. जी हां, ये कहना है उन बच्चियों का जो सरकार द्वारा चलाए जा रहे कवच अभियान के साथ जुड़ रही हैं. लेकिन, जब बच्चियों ने अपने रोजमर्रा की मुश्किलों को साझा किया, तो उनके दर्द और इनसिक्योरिटी को लेकर हर कोई अचंभित हो गए. चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस के आंकड़े भी कहते हैं कि थानों में दर्ज होने वाले अधिकांश केसों में ऐसे मामले ज्यादा होते हैं जिसमें कोई जान पहचान का व्यक्ति ही घटना का कारण होता है.

90 प्रतिशत केसों में अपने ही बने है दुश्मन

बालिका सुरक्षा और जागरूकता के लिए शुरू किए गए कवच अभियान में पुलिस की एक टीम भी साथ चल रही है. पुलिस प्रशासन के अनुसार थानों में दर्ज होने वाले अधिकांश मामलों में अपने ही मुजरिम के रूप में निकल कर सामने आए हैं. परिजन बच्चियों के साथ दु‌र्व्यवहार कर रहे हैं. यह परिवार के वह लोग हैं जो दूर के रिश्तों में से हैं और रिश्तों की गरिमा को तार-तार कर रहे हैं.

संजलि कांड है उदाहरण

ताजनगरी में हर किसी को दहला देने वाली घटना संजलि हत्याकांड में अपना ही मुजरिम निकला. पुलिस को काफी उलझा देने के बाद आखिरकार संजलि का चचेरा भाई ही पूरी घटना को अंजाम तक पहुंचाने वाला निकला था. इस कांड में संजलि का चचेरा भाई योगेश, उसके मामा के लड़के के अलावा उसके कई रिश्तेदार शामिल थे. जिन्होनें संजलि को मारने की पूरी वारदात को रचा था.

योगी सरकार कर रही बच्चियों को जागरूक

योगी सरकार द्वारा बच्चियों की आत्मसुरक्षा और जागरूकता के लिए कवच अभियान शुरू किया गया है. जिसमें स्कूली बच्चियों को अपनी आत्मसुरक्षा के लिए जागरूक किया जा रहा है. कवच अभियान अपने 15वें चरण में पहुंच चुका है. अभियान से अभी तक करीब 13 हजार बच्चियों को जागरूक किया जा चुका है. स्कूली बच्चियों को जागरूक करने के साथ ही उनकी समस्याओं को भी सुना जा रहा है. साथ ही उनका समाधान भी किया जा रहा है.

वर्जन

स्कूली बच्चियां स्कूल तक आने में कई तरह की समस्याओं का हर रोज सामना करती हैं. रास्ते के साथ ही घर और आस-पड़ोस में भी ऐसी ही स्थितियां हैं. कवच अभियान के तहत बच्चियों की कई तरह की समस्याएं सामने निकल कर आ रही है. जिनको सुना जा रहा है, साथ ही समाधान किया जा रहा है.

नरेश पारस, मास्टर ट्रेनर कवच अभियान