कीडगंज एरिया में हुई घटना

कृष्णा नगर के रहने वाले अशोक कुमार को सैटरडे को ऑफिस नहीं जाना था. एजी ऑफिस तो बंद था लेकिन उन्हें किसी काम से घर से बाहर निकलना पड़ा. कमरे में उनका बेटा अभिषेक उर्फ जैनेन्द्र अपनी बड़ी बहन जयाश्री के साथ लैपटॉप पर पिक्चर देख रहा था. बहन की शादी हो चुकी है. उसका पति शिव आश्रम कौशांबी में बतौर सब इंस्पेक्टर जॉब कर रहा है.

घर ट्रेस नहीं हो रहा है, पार्सल ले जाइए

ब्लीजफ्लेश कोरियर सर्विस से अभिषेक के मोबाइल पर कॉल आई. कॉलर ने कहा कि घर ट्रेस नहीं कर पा रहा हूं. आपके नाम से एक पार्सल आया है. प्लीज आप ऑफिस आएं और अपना पार्सल ले जाएं. अभिषेक कुछ समझ नहीं पाया. सोचा कि किसी ने भेजा होगा. उसने अपनी सिस्टर से बोला कि वह पार्सल लेकर अभी आ रहा है. कुछ ही देर में वह पार्सल लेकर वापस घर लौट आया.

बटन दबाते ही ब्लास्ट

घटना में जख्मी जयाश्री ने बताया कि भाई पार्सल लेकर घर पहुंचा था. हम भाई-बहन उस पैकेट को खोलकर देखने के लिए उत्सुक थे. समझ में नहीं आ रहा था कि क्या है. पैकेट पर अशोक पैकर्स एंड मूवर्स, गोपीगंज बनारस का नाम लिखा था. अभिषेक ने पैकेट खोला तो उसमें चाइनिज टार्च/इमरजेंसी लाइट थी. अभिषेक ने जैसे ही उसका बटन दबाया तो वह ब्लास्ट कर गया. ब्लास्ट से घर में कोहराम मच गया. आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग दौड़ कर वहां पहुंच गए.

ब्लास्ट में हाथ के परखच्चे उड़ गए

ब्लास्ट इतना जबरदस्त था कि अभिषेक के दोनों हाथ के पंजे बुरी तरह से जख्मी हो गए. अंगुलियां ब्लास्ट होने से उड़ गई. चेहरे पर चोट लगी. सीना जख्मी हो गया. जयाश्री भी उसके साथ ही जख्मी हो गई. ब्लास्ट की आवाज सुनकर पड़ोसी वहां दौड़ पड़े. उन्होंने अभिषेक और जयाश्री को खून से लथपथ देखकर उसके पिता को कॉल किया और पुलिस को इस घटना की जानकारी दी. दोनों को जख्मी हालत में निजी हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है. हालत गंभीर बनी हुई है.

आईईडी का किया गया है यूज

 विस्फोट में आईईडी का यूज करने की बात फिलहाल सामने आ रही है. एक्सपर्ट ने यह भी बताया कि ब्लास्ट को पावरफुल बनाने के लिए सल्फर का इस्तेमाल भी किया गया है. आईईडी यानी इंप्रोवाइज एक्सप्लोसिव डिवाइस से बना पार्सल बम को फ्यूज वायर से जोड़ा गया है. इसको इस तरह से बनाया गया था कि बटन दबाते ही ब्लास्ट हो जाता. बम बनाने की यह हाइटेक तकनीक जांच एजेंसी के लिए सिरदर्द बन गई है. एटीएस व आईबी की टीम पहुंचकर जांच पड़ताल में जुटी हुई है. एक टीम को जांच के लिए भदोही व बनारस भी भेजा गया है. इन दोनों जगह का कनेक्शन पार्सल से पुलिस को मिला है.

आखिर इतनी मार्डन तकनीक कैसे?

घटना की जांच के लिए एटीएस भी इलाहाबाद पहुंच गई है. फिलहाल प्राइमरी लेवल पर इस घटना से किसी तरह का टेरेरिस्ट इनवाल्वमेंट से मना किया जा रहा है. लेकिन एटीएस के लिए चिंता की बात यह है कि आखिर इस हाइटेक तकनीक से यह विस्फोटक किसने तैयार किया? और आखिर अभिषेक को वह क्यों टारगेट करना चाहता था? पुलिस ऑफिसर्स ने बताया कि घटना स्थल से बरामद नमूनों को जांच के लिए आगरा स्थित फारेंसिक साइंस लैब में भेजा जाएगा.

24 घंटे पहले ही भेजी थी मौत की डिलेवरी

पार्सल के थू्र मौत का खेल खेलने वाले शख्स ने महज 24 घंटे पहले ही इसकी डिलेवरी की थी. पुलिस ने कूरियर सर्विस से जांच पड़ताल कर भेजने वाले तक पहुंचने में जुटी हुई है. पैकेट पर भेजने वाले ने अपना नाम अशोक पैकर्स और मूवर्स लिखा है.