कानपुर। सब-लेफ्टिनेंट शिवांगी सोमवार को भारतीय नौसेना में पहली महिला पायलट बन गईं है। शिवांगी का जन्म बिहार के मुजफ्फरपुर शहर में हुआ था। 24 साल की शिवांगी को सोमवार को एक समारोह में उन्हें विमान सौंपा गया व एक नौसैनिक ऑपरेशन में शामिल किया गया। शुरुआती ट्रेनिंग के बाद पिछले साल उन्हें भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था। शिवांगी ने सीएनएन को बताया, 'यह एक बहुत बड़ी बात है। यह हम सभी के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है और मैं जानती हूं कि मुझे अच्छा प्रदर्शन करना है। शिवांगी आज कोच्चि नौसेना बेस में ऑपरेशनल ड्यूटी में शामिल हुईं। वह भारतीय नौसेना के डोर्नियर सर्विलांस एयरक्राफ्ट को उड़ाएंगी।

आवश्यकताओं के अनुसार किया जाता है डोर्नियर सर्विलांस एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल

बता दें कि 1992 तक, भारत की नौसेना ने केवल महिलाओं को मेडिकल सर्विसेज में सेवा करने की अनुमति दी थी। शिवांगी ने डोर्नियर सर्विलांस एयरक्राफ्ट के बारे में जानकारी देते हुए कहा, 'हम इसका उपयोग कुछ बचाव अभियानों के लिए भी करते हैं और आवश्यकताओं के अनुसार, कभी इसका इस्तेमाल चिकित्सा कार्यक्रमों और अन्य चीजों में कर लिया जाता है। अब मैं उन सभी मिशन का हिस्सा रहूंगी।' भारतीय रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय नौसेना के पास पायलटों के लिए 735 पद हैं, जिसमें फिलहाल लगभग 644 पद भरे हैं।

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नौसेना में जाने के लिए शिवांगी ने छोड़ दिया कॉलेज

सीएनएन से बात करते हुए शिवांगी ने कहा कि वह बचपन से ही पायलट बनने का ख्वाब देखा करती थीं। उन्होंने कहा, 'मैं लगभग 10 साल की थी और मैं अपने दादा के साथ रहती थी। तब कुछ मंत्री थे, जो लोगों से मिलने आए थे। मैं भी उन्हें देखने के लिए अपने दादा के साथ गई थी और मैंने एक आदमी को देखा, जो एक हेलीकॉप्टर उड़ा रहा था। यह मेरे लिए बहुत प्रेरणादायक था। मन में मैंने सोचा कि शायद किसी दिन मैं भी कुछ ऐसा ही उड़ाऊंगी।' बता दें कि सिक्किम मणिपाल यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में& मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद, शिवांगी ने जयपुर के मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में आगे की पढ़ाई की। इसी कॉलेज में नौसेना के कुछ अधिकारी आए थे। शिवांगी ने कहा, 'उन लोगों ने एक प्रेजेंटेशन दिखाया था, जिसमें नौसेना में जीवन के विभिन्न पहलुओं और अनेक चीजों पर जोर दिया गया था। उन चीजों ने मुझे नौसेना ज्वाइन करने के लिए प्रेरित किया।' उन्होंने बताया कि उन्होंने नौसेना ज्वाइन करने कॉलेज भी छोड़ दिया। शिवांगी ने कहा कि ट्रेनिंग आसान नहीं था लेकिन उन्हें कोच्चि में अपने नौसेना स्क्वाड्रन से काफी सपोर्ट मिला।

Posted By: Mukul Kumar

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