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हर ट्रेन में आईआरसीटीसी तैनात करेगी मैनेजर

-स्लीपर कोच में एक सीट मैनेजर के लिए रहेगी रिजर्व

balaji.kesharwani@inext.co.in

ALLAHABAD: ट्रेन में यदि पैंट्री कार मैनेजर और वेंडर ओवरचार्जिग करते हैं, घटिया क्वालिटी का भोजन देते हैं या खान-पान को लेकर कोई और दिक्कत है तो आपको ट्रेन में टीटीई को खोजने की जरूरत नहीं है. इस तरह की समस्याओं के समाधान के लिए आईआरसीटीसी अब हर ट्रेन में अपना मैनेजर व कर्मचारी तैनात करने जा रहा है. ये पैसेंजर्स की हर शिकायत को सुनेंगे और उसके निदान के लिए तत्काल उपाय करेंगे. एनसीआर जोन में 12 ट्रेनों में मैनेजरों को तैनात करने के लिए सीसीएम को पत्र लिखा गया है. आईआरसीटीसी के मैनेजर ट्रेन कैप्टन को रिपोर्ट करेंगे.

पैंट्रीकार संचालकों पर सीधी नजर

आईआरसीटीसी अधिकारियों की डायरेक्ट निगरानी न होने से पैंट्रीकार संचालकों की मनमानी लगातार जारी है. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक अभी तक जिन ट्रेनों की पैंट्रीकार आईआरसीटीसी के अंडर होती थी, उसमें एक मैनेजर तैनात रहता था. लेकिन उनके आसानी से न मिलने से यात्री अक्सर खानपान सम्बंधी शिकायत रेलवे के कंट्रोल रूम नंबर, ट्वीटर व मैसेज के माध्यम से करते थे. इसकी वजह से उनकी समस्या के समाधान में काफी समय लग जाता था. इस व्यवस्था से पैसेंजर्स को तत्काल समस्या से मुक्ति मिलेगी.

रेलवे बोर्ड ने सभी जोन के चीफ कॉमर्शियल मैनेजर को जारी आदेश में कहा है कि नई खानपान नीति 2017 के तहत राजधानी एक्सप्रेस, शताब्दी, दुरंतो व पेंट्रीकार वाली मेल-एक्सप्रेस, सुपरफास्ट ट्रेनों में आईआरसीटीसी मैनेजर के लिए समर्पित बर्थ-सीट स्थायी रूप से बुक रहेगी. एसी-3, स्लीपर श्रेणी के कोच के शुरू में ही नीचे की बर्थ और शताब्दी में एसी चेयरकार में एक बर्थ मैनेजर के लिए स्थायी रूप से आवंटित होगी.

वर्दी में होगा मैनेजर

आईआरसीटी मैनेजर अपने आईडी प्रूफ के साथ ट्रेन कैप्टन अथवा कंडक्टर को रिपोर्ट करेगा. इसके साथ ही उसे स्टेशन मास्टर को बताना होगा कि वह ट्रेन में यात्रा कर रहा है. आईआरसीटीसी का मैनेजर वर्दी में होगा और उसे नेम प्लेट लगाना अनिवार्य होगा. मैनेजर पैंट्रीकार में खाद्य सामाग्री की जांच-निगरानी करेगा. इसके अलावा वेंडर-वेटर पर नजर रखेगा जिससे यात्रियों से तय रेट से अधिक कीमत नहीं वसूली जा सके.

आईआरसीटीसी मैनेजर की जिम्मेदारी

- ट्रेन की पेंट्रीकार से लेकर कोच में यात्रियों को खाना परोसने वाले वेंडर-वेटर पर नजर रखेगा.

- खाने में किसी प्रकार की शिकायत होने पर यात्री सीधे मैनेजर से शिकायत कर सकेंगे.

- दोषी पाए जाने पर मैनेजर ठेकेदार पर त्वरित कार्रवाई करेगा.

- मैनेजर के पास जुर्माना लगाने का अधिकार भी होगा.

पैसेंजर्स को बेहतर सुविधा देने और वेंडर व पैंट्रीकार संचालकों की मनमानी पर अंकुश के लिए लगातार प्रयास जारी है. ओवरचार्जिग बंद करने के लिए ही पीओएस मशीन दी जा रही है. मैनेजर तैनात रहने से मनमानी बंद होगी.

सिद्धार्थ सिंह

पीआरओ, आईआरसीटीसी