छ्वन्रूस्॥श्वष्ठक्कक्त्र: टैक्स छिपाने में नहीं, चुकाने में ही करदाताओं को फायदा है. इसलिए जो भी व्यापार या उद्योग से आय हो उसे बुक में मेंटेन करें. इससे अच्छी नींद आएगी और राष्ट्र की सेवा भी होगी.

उक्त बातें प्रधान आयकर आयुक्त अविनाश कुमार सहाय ने कही. वे बुधवार को आयकर विभाग और बिल्डर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में बिष्टुपुर स्थित एक होटल में आयकर के नए कानून आने से सेक्शन में बदलाव और संशोधन की जानकारी देने के लिए आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे.

कर सकते हैं सहयोग

उन्होंने कहा कि बिल्डर्स आयकर विभाग के अधिकारी से डरे नहीं, बल्कि उनके साथ समन्वय स्थापित कर अपने अधिकारों को समझें और आयकर संबंधित जटिलता को दूर करें. इससे करदाताओं और आयकर विभाग दोनों को लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि रियल एस्टेट के कारोबारी के साथ सभी वर्ग के लोग जुड़े हुए हैं. इसलिए अगर रियल एस्टेट के कारोबारी आयकर कानून और प्रावधान से जागरूक होंगे तो दूसरे को भी जागरूक करेंगे और आयकर रिटर्न भरने के फायदे से लोगों को अवगत कराएंगे. उन्होंने कहा कि रियल इस्टेट के कारोबारी आयकर विभाग के ब्रांड एंबेसडर बनकर आयकर विभाग को सहयोग कर सकते हैं. आयकर विभाग के अधिकारी लोगों के बीच टैक्स कलेक्टर बनकर नहीं आए हैं, बल्कि एक सर्विस प्रोवाडर बनकर आए हैं. अपनी बातों को खुल रखें. ताकि हमें आपको सहयोग करने में सहूलियत होगी. उन्होंने एक बिल्डर्स के प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि जहां तक सर्किल रेट की बात है, उसे घटाना या बढ़ाना राज्य सरकार काम है. राज्य सरकार जो सर्किल रेट तय कर दी है उसी पर कर निर्धारित किया जाएगा.

इनकी रही मौजूदगी

इस अवसर पर बिल्डर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष शिबू बर्मन, उपाध्यक्ष निर्मल कुमार श्रीवास्तव और प्रभाकर सिंह ने बिल्डर्स की समस्याओं को रखते हुए समाधान की मांग की. कार्यशाला में विपिन प्रसाद, अनूप कुमार श्रीवास्तव, सूरज भदानी, रवि जग्गी, सुरेंद्रपाल सिंह सहित अन्य बिल्डर्स और आयकर अधिकारी मौजूद थे.