मुंबई (पीटीआई)। सीजन के 7वें रोमांचक मुकाबले में लखनऊ नें चेन्नई को 6 विकेट से हरा दिया। हार के बाद चेन्नई टीम के कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने प्रेस कान्फ्रेंस में ब्रेबोर्न स्टेडियम की तुलना नियाग्रा फॉल्स से कर दी। फ्लेमिंग ने मैच के बाद वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, हम मैच में स्पिन गेंदबाजी का प्रयोग नहीं कर सकते थे। किसी भी स्पिनर को उस स्थिती में गेंद को पकड़ने और गेंद को घुमाने में दिक्कत होती, लेकिन एलएसजी के बल्लेबाजों ने बेहतरीन बल्लेबाजी की।

जडेजा और मोईन को छोड़ दुबे पर करना पड़ा भरोसा

फ्लेमिंग ने मैच के बाद वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कप्तान रवींद्र जडेजा के दो ओवर में 21 रन गए, जबकि मोइन अली ने अपने एक ओवर में 14 रन दिए, जिससे सीएसके को दुबे की मध्यम गति की गेंदबाजी पर भरोसा करना पड़ा। हम हमेशा से जानते थे कि एक ओवर महत्वपूर्ण होने वाला है। हम उम्मीद कर रहे थे कि हम अंत में पर्याप्त रन बचाने में सक्षम हों, जिससे हम मैच को जीत सकें, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

युवाओं की सराहना की, मुख्य गेंदबाजों की कमी खली

फ्लेमिंग ने कहा हमारे पास कुछ युवा खिलाड़ी हैं, जो आईपीएल में पहली बार खेल रहे है मुकेश और देशपांडे ने अच्छे खेल का प्रर्दशन किया। ऐसी पिच पर गेंदबाजी करना वाकई वास्तव में कठिन है, जहां गेंद और आउटफील्ड इतनी गीली हो। किसी भी आक्रामक खेल को इस तरह कंट्रोल करना बहुत मुश्किल है, मुझे लगता है कि हम लगभग 10 ओवरों से रक्षात्मक गेंदबाजी कर रहे थे। मुझे लगा कि कठिन परिस्थितियों में वास्तव में अच्छी शुरुआत हुई है। सुपर किंग्स को अपने अनुभवी गेंदबाज दीपक चाहर, क्रिस जॉर्डन और एडम मिल्ने की कमी खली है।

दूसरी पारी में मुश्किल है गेंदबाजी करना

फ्लेमिंग ने कहा हमने सोचा था कि इस समय की परिस्थितियों की प्रकृति ही ऐसी है और दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने वाली टीम के पक्ष में हैं। हमने 210 तक पहुंचने के लिए अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन हम इसे डिफेंड करने मे नाकाम रहे। इसलिए हमने ईमानदारी से खेल में बने रहने के लिए बहुत मेहनत की। । हमनें खेल में बने रहने के लिए शानदार क्षेत्ररक्षण किया है।