JAMSHEDPUR: सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर इमली चौक स्थित विश्वास लॉज में अपने दोस्त का बर्थडे मनाने पहुंचे मानगो-डिमना रोड निवासी अंकित कुमार (22) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसके साथ मौजूद साथियों ने उसे टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) पहुंचाया। यहां डॉक्टर ने जांच के बाद अंकित को मृत घोषित कर दिया। अंकित के परिजनों ने उसके दोस्त आशीष तिवारी, आशीष महतो और आजाद पर अंकित की हत्या करने का आरोप लगाया है। जबकि, आदित्यपुर पुलिस बता रही है कि अंकित नशा करता था और ज्यादा नशा करने से ही उसकी मौत हो गई है। हालांकि, अभी अंकित की पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है। माना जा रहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से इस बात का खुलासा होगा कि अंकित के साथ क्या हुआ। सोमवार को अंकित के शव का पोस्टमार्टम कराया गया।

पिता की हो चुकी है मौत

पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे अंकित के चचेरे भाई अनिल प्रसाद ने बताया कि अंकित के पिता ब्रजेश्वर प्रसाद की मौत हो चुकी है। तीन बहनों और एक भाई में अंकित सबसे छोटा था। दो बहनों की शादी हो चुकी है। पिता की मौत के बाद मां किरण देवी ने देखभाल की। उसने एनटीटीएफ से पढ़ाई की थी। पढ़ाई खत्म होने के बाद बेंगलुरु के मकीनो कंपनी में ट्रेनिंग करता था। 26 अक्टूबर की दोपहर वह एलेप्पी एक्सप्रेस से शहर आया था। सबसे पहले वह केदार बगान स्थित घर गया। यहां से वह एनएच 33 स्थित चाचा के घर पहुंचा। थोड़ी देर चाचा के घर पर रहने के बाद वह घर जाने की बात कहकर निकल गया। उसके बाद 26 अक्टूबर को सभी ने फोन किया पर अंकित ने फोन नहीं उठाया। रविवार को जब सभी उलीडीह थाना में अंकित की गुमशुदगी की शिकायत करने पहुंचे तो आशीष ने फोन कर घटना की जानकारी दी।

अंकित ने ले रखा था नशे का ओवरडोज

मामले की जानकारी देते हुए आदित्यपुर थाना प्रभारी सुषमा कुमारी ने बताया कि अंकित नशे का आदी था और यहां पहुंचने से पहले भी उसने नशे की ओवरडोज ले रखी थी। जांच के दौरान युवक के पास से गांजा पाया गया है। हालांकि उन्होंने शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई किये जाने की बात कही है। शक के आधार पर पुलिस ने अंकित के एक दोस्त को हिरासत में लिया है।

इकलौता चिराग था अंकित

परिजनों ने बताया कि तीन बहन और एक भाई में अंकित सबसे छोटा था। पिता के मौत के बाद पढ़ाई लिखाई का खर्च चचेरे भाई संजय ने उठाया था। एनटीटीएफ में पढ़ाई खत्म करने के बाद मकीनों कंपनी में ट्रेनिंग के लिए गया था।

आशीष तिवारी पर हत्या करने की आशंका

चचेरे भाई अनिल प्रसाद के अनुसार आशीष तिवारी और अंकित एनटीटीएफ में साथ पढ़ाई करते थे। दो साल पहले आशीष ने अंकित पर मोबाइल चोरी का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत की थी। इसके बाद थाना में समझौता के दौरान आशीष को 10 हजार रुपये भी दिए थे। वहीं पढ़ाई खत्म होने के बाद अंकित का जॉब लग गया था पर आशीष की नौकरी नहीं मिली थी। इससे वह काफी चिढ़ा चिढ़ा रहता था। शायद इन्ही सभी बातों को लेकर उसने इस घटना को अंजाम दिया होगा।

मोबाइल तोड़ कर फेंका

अंकित को टीएमएच लाने के बाद अंकित के मोबाइल पर बार बार फोन आने से परेशान आशीष तिवारी ने अंकित का मोबाइल फोन तोड़ कर टीएमएच की पार्किंग एरिया में फेंक दिया था। इसे पुलिस ने टीएमएच की पार्किग से बरामद किया है।

देर रात किया था फोन

अंकित के साथी शुभम ने बताया कि आशीष ने उसे देर रात तीन बजे फोन किया था। पर उसने फोन नहीं उठाया। सुबह फोन करने पर आशीष ने बताया कि अंकित की तबीयत काफी खराब हो गई है। वह उठ नहीं रहा है। इसलिए शुभम अंकित को अस्पताल ले जाने में मदद करे। इस पर शुभम ने कहा की वह थोड़ी देर में आ जाएगा। इस बीच अंकित ने आस-पास के अस्पतालों में अंकित का इलाज कराना चाहा पर मामला पुलिस का होने पर किसी ने उसका इलाज नहीं किया।