-- पांडु नदी में फ्लड के कारण डूब जाते हैं साउथ सिटी के कई मोहल्ले, इरीगेशन ने अवैध निर्माणों के साथ केडीए की रिटेनिंग वॉल को बताया है जिम्मेदारर

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KANPUR: संडे को डिप्टी सीएम की मीटिंग में पांडु नदी का मामला गूंजने के बाद केडीए ने सर्वे शुरू कर दिया है. इसके लिए 5 ऑफिसर्स की कमेटी बनाई गई है. इसमें चीफ इंजीनियर डीसी श्रीवास्तव, टाउन प्लानर ज्योति प्रसाद, एक्सईएन मुकेश अग्रवाल व अतुल मिश्रा के अलावा तहसीलदार प्रदीप रमन शामिल हैं. उन्हें पांडु नदी से केडीए की हाउसिंग स्कीम्स की दूरी, फ्लड प्लेन में मैप पास किए जाने, रिटेनिंग वॉल आदि को लेकर ट्यूज डे तक रिपोर्ट देनी है.

170 से अधिक कब्जे

पिछले वर्ष पांडु नदी में फ्लड की वजह से मेहरबान सिंह का पुरवा, वरुण विहार, सुन्दर नगर पनकी, गुजैनी आदि में जमकर जलभराव हो गया था. इरीगेशन ने इसके लिए 170 से अधिक अवैध कब्जों के अलावा, केडीए की रिटेनिंग वॉल और पांडु नदी के 30 मीटर के दायरे में ही हाउसिंग स्कीम डेवलप किए जाने को जिम्मेदार ठहराया है. हालांकि केडीए सेक्रेटरी एसपी सिंह ने 30 मीटर के दायरे में हाउसिंग स्कीम डेवलप किए जाने के आरोप को नकार दिया. उन्होने रिटेनिंग वॉल भी केडीए बोर्ड से पास होना बताया है. हालांकि संडे को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या के सामने मामला उठने के बाद केडीए ने सर्वे शुरू करा दिया है.