- जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में प्रदेश के पहले लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर के निर्माण को लेकर शासन ने दिखाई तेजी

- लेवल-1 ट्रामा सेंटर में मिलेगा एडवांस इमरजेंसी ट्रीटमेंट, हेड इंजरी से लेकर हार्ट प्रॉब्लम तक का एक ही जगह पर ट्रीटमेंट

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KANPUR: एक्सीडेंटल इंजरी में जान बचाने के लिए अब सबसे बेहतर सुपरस्पेशिएलिटी ट्रीटमेंट कानपुर में ही मुमकिन होगा. जीएसवीएम मेडिकल कालेज में यूपी के किसी गवर्नमेंट मेडिकल कालेज में पहली बार सबसे हाईयर फैसेलिटीज वाले लेवल-1 ट्रामा सेंटर को बनाने के लिए शासन से सैद्धांतिक सहमति दे दी है और इसके लिए कालेज प्रशासन से जरूरी जानकारियां मांगी है. लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर जैसी सुविधाएं अभी बीएचयू और लखनऊ में केजीएमयू जैसे संस्थानों में ही हैं. जहां एक्सीडेंटल केसेस में एडवांस इमरजेंसी ट्रीटमेंट की सुविधाएं एक ही जगह पर मुहैया हो जाती हैं.

नॉ‌र्म्स पूरी कर रहा एलएलआर

लेवल-1 के ट्रामा सेंटर के निर्माण को लेकर मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर की ओर से कुछ खास नॉ‌र्म्स हैं. जिन्हें पूरा करने पर ही लेवल-3,लेवल-2 और लेवल-1 के ट्रामा सेंटर को बनाया जा सकता है. मिनिस्ट्री में मेडिकल कालेज के एलएलआर हास्पिटल में पहले ही लेवल-2 के ट्रामा सेंटर के लिए सहमति दे रखी है,लेकिन कानपुर में जो कि स्वर्णिम चतुर्भुज योजना का अहम हिस्सा है.यहां से 6 नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे गुरजते है. एक्सीडेंट्ल डेथ के मामले में भी कानपुर प्रदेश में अव्वल है.यह ट्रामा सेंटर के निर्माण को लेकर कुछ बुनियादी जरूरतें हैं जिन्हें कानपुर काफी हद तक पूरा भी करता है. ऐसे में लंबे समय से यहां ट्रामा सेंटर की मांग चली आ रही है.जिसे अब शासन ने सुना है. एलएलआर हॉस्पिटल में ट्रामा सेंटर को नेशनल हाईवे का दर्जा रखने वाले जीटीरोड की तरफ ही बनाने का प्रस्ताव रखा गया है. जिसके लिए जमीन भी चिन्हित हो रखी है.

सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत

लेवल-1 के ट्रामा सेंटर को चलाने के लिए डॉक्टर्स पैरामेडिकल स्टॉफ मिला कर 237 लोगों की जरूरत पड़ती है. एलएलआर हास्पिटल में पहले ही ट्रामा सेंटर को लेकर स्टॉफ की भर्ती हो रखी है. साथ ही यहां लेवल-1 के हिसाब से पर्याप्त न्यूरो सर्जन, सर्जन, आर्थोपेडिक सर्जन और कार्डियक सर्जन भी हैं. जरूरत सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर की है. जिसको लेकर बात बनती दिख रही है.केंद्रीय स्तर पर भी एनएचएम के तहत ट्रामा सेंटर के निर्माण का सुझाव दिया गया था.

लेवल-1 ट्रामा सेंटर की खासियतें-

- हर तरह की एक्सीडेंटल इंजरी के लिए एडवांस इमरजेंसी ट्रीटमेंट की सुविधा

- एक ही जगह पर सभी जरूरी डिपार्टमेंट्स के स्पेशलिस्ट व सुपरस्पेशिएलिस्ट की मौजूदगी

- एक की जगह पर सीटी स्कैन से लेकर एक्सरे, अल्ट्रासाउंड की सुविधा

- पेशेंट्स के रिसक्सटेशन के लिए डेडीकेडेट एरिया का इंतजाम

- ट्रामा पेशेंट्स के लिए आईसीयू और जनरल ट्रामा बेड की व्यवस्था

- ट्रामा केसेस के लिए डेडीकेटेड ओटी काम्प्लेक्स, एनेस्थीसिया डॉक्टर्स की राउंड ओ क्लॉक मौजूदगी

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लेवल-1 ट्रामा सेंटर क्यों जरूरी-

- 4 नेशनल हाईवे और एक एक्सप्रेस वे से जुड़ा सिटी

- 300 किमी क्षेत्र में अभी कहीं भी लेवल-1 ट्रामा सेंटर नहीं

- यूपी में सबसे ज्यादा एक्सिडेंट और एक्सिडेंटल डेथ वाला सिटी

-हाईवे पर थेड के मामले में सबसे क्रिटिकल एरिया

-लखनऊ छोड़ बुदेलखंड और मध्य यूपी का सबसे बड़ा मेडिकल कालेज

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वर्जन-

मेडिकल कालेज में लेवल-1 के ट्रामा सेंटर के निर्माण को लेकर शासन को प्रस्ताव भेजा है जिस पर डीजीएमई ने ट्रामा सेंटर के लिए जगह और उससे जुड़े दस्तावेजों की जानकारी मांगी है.यूपी में अभी किसी गवर्नमेंट मेडिकल कालेज में लेवल-1 ट्रामा सेंटर नहंी है. जीएसवीएम इसके निर्माण के लिए जरूरी कई ना‌र्म्स भी पूरी करता है.

- डॉ.आरती लालचंदानी, प्रिंसिपल,जीएसवीएम मेडिकल कालेज