इन बातों पर जरूरत है ध्यान देने की
वह वास्तु अनुकूल हो। चारों दिशाएं प्रकृति की देन हैं। किसी भी प्लॉट को,भवन को वास्तु के नियमों को ध्यान में रखते हुए एक बेहतर आकार दिया जा सकता है। ध्यान रखें कि निर्माण कराते समय उत्तर पूर्व की तरफ ज्यादा जगह छोड़नी चाहिए, ताकि वहां पर रहने वाले लोग सूर्य की प्रात: कालीन जीवनदायी ऊर्जा का लाभ ले सकें और वह स्वस्थ रहें। ये तो रही बात प्लॉट की या बना बनाया घर लेने की, पर जब हम प्लॉट लेकर घर बनवाना शुरू करते हैं तो भी बहुत सी बातें होती हैं, जिनका ध्यान रखकर हम वास्तु अनुकूल घर का निर्माण करा सकते हैं।

नए प्लाॅट या जगह पर घर बनवाते वक्त वास्तु का ध्यान रखें

नए प्लॉट या जगह में किसी भी कार्य को किस तरह से और कैसे शुरू किया जा रहा है, इस बात पर ध्यान देने की सबसे ज्यादा जरूरत है। इसके अलावा और भी बहुत से पहलु होते हैं, जिनका पूरी तरह से ध्यान रखा जाता है। ऐसे में सबसे ज्यादा इस बात का ध्यान रखें कि जो भी और जैसा भी घर आप बनवा रहे हैं, वह हर तरह से वास्तु वाइब्स के अनुकूल बने। आज जीवन में हर व्यक्ति अपने-अपने क्षेत्र में मेहनत कर रहा है और क्योंकि वह मेहनत कर रहा है तो सफलता की चाह भी जरूर रखता है। उससे उसको फल भी मिल रहा है, लेकिन यकीन मानें कि अगर वास्तु वाइब्स को साथ लेकर हम जीवन में चलते हैं, तो हमें हमारे किये गए कार्यों में परिणाम कुछ और बेहतर मिलते हैं। बस बात इतनी सी है समझने की।

-प्रेम पंजवानी

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