देहरादून, कोरोनेशन अस्पताल में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है. सबसे ज्यादा दिक्कत मरीज के साथ एक तीमारदारों के मामले को लेकर हो रही है. अस्पताल के ग्राउंडफ्लोर में बैठने की सुविधा है, लेकिन स्पेस कम है. इसके अलावा अस्पताल के बाहर पार्किग की समस्या है. जिन जगहों पर पहले पार्किग बनाई गयी थी. वहां बिल्डिंग का निर्माण कार्य चल रहा है. अस्पताल से डस्टबिन गायब हैं. वेटिंग रूम में ज्यादातर पंखे बंद हैं. इससे वजह से डॉक्टरों का इंतजार कर रहे मरीजों को काफी दिक्कतें हो रही है.

पार्किग की सुविधा नहीं

अस्पताल में सबसे ज्यादा दिक्कत वाहन खड़ा करने की है. बिल्डिंग निर्माण होने से पार्किग का स्पेस कम हो गया है. मरीजों को लाने ले जाने वाली एंबुलेंस को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. अस्पताल की ओर से पहले से पार्किग किराए पर दी गयी है. जो जगह खाली है वहां अस्पताल स्टॉप के वाहन खडे़ हो जाते हैं. कई बार वाहन चालकों की आपस में कहासुनी हो जाती है.

डस्टबिन ओवरफ्लो

अस्पताल परिसर में दो ही बड़े डस्टबिन रखे गए हैं. जिससे वह ओवरफ्लो हो गये हैं. नगर निगम का कूड़ा वाहन सप्ताह में दो दिन ही डस्टबिन खो खाली करने के लिए आता है. जिससे आसपास बदबू फैल रही है. अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है.

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पब्लिक कोट

सबसे ज्यादा दिक्कत वाहन पार्किंग करने में आ रही है. पार्किग की सुविधा नहीं है. बाहर खड़ी करने पर पुलिस उठा लेती है. पेड पार्किग की सुविधा भी नहीं है.

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अस्पताल के बाहर गंदगी का अंबार लगा हुआ है. आसपास बदबू फैल रही है. अस्पताल की दीवारों पर स्लोगन लिखे है कि गंदगी न करे, लेकिन मैनेजमेंट ही खुद गंदगी फैला रहा.

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कुछ ही वेटिंग रूम में पंखे चल रहे हैं. एक पेसेंट का नंबर बीस मिनट में आ रहा है. बीमार व्यक्ति के साथ में आए हुए व्यक्ति भी बीमार हो सकता है. अस्पताल को सुविधा देनी चाहिए.

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अस्पताल के अंदर बने शौचालय की साफ सफाई नहीं हो रही है. जिसकी वजह से शौचालय में घुसना दूभर हो रखा है, मैनेजमेंट को सफाई कर्मचारियों को तैनात करना चाहिए.

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