सहूलियत चोरी हुई वाहन को पलक झपकते ढूंढ लेगा एडवांस व्हीकल सर्विलांस

2019-10-19T16:47:18Z

बड़ी मुश्किल से एफआईआर दर्ज होती है। इसके बाद लगाते रहे पुलिस के चक्कर बरामदगी नहीं होनी। पुलिस का रिकार्ड ही बताता है कि वाहन चोरी और बरामदगी के आकड़े के बीच बड़ा अंतर होता है।

वाराणसी (विनोद शर्मा)। आने वाले कुछ दिनों में वाहन चोरी करना आसान नहीं होगा। वाहन चोरी की कम्प्लेन आने के कुछ मिनटों में ही वाहन को बरामद किया जा सकेगा। सिगरा स्थित सिटी कमांड सेंटर में जल्द ही नम्बर टे्रसिंग सेंसराइज डिवाइस लगाए जाएगा। यह डिवाइस क्राइम कंट्रोल में भी मदद करेगा। अपर प्रमुख सचिव अवनीश अवस्थी के निर्देश पर आईजी विजय सिंह मीणा ने सेंसराइज डिवाइस के लिए शासन को प्रपोजल भेज दिया है।
इंटरनेट की जरूरत नहीं

नम्बर टे्रसिंग सेंसराइज डिवाइस की खास बात है कि यह इंटरनेट,  वाई-फाई कनेक्टिविटी और जीपीएस के बिना ही काम करता है। शहर में चप्पे-चप्पे पर लगे सर्विलांस कैमरे की मदद से यह डिवाइस काम करेगा। स्मार्ट सिटी योजना के तहत नवनिर्मित सिटी कमांड सेंटर में यह डिवाइस लगाया जाएगा, जिसमें गाड़ी का नम्बर डालते ही उसे ट्रेस कर लेगा।
शासन को भेजा गया प्रपोजल
क्राइम का ग्राफ बढऩे पर पांच अक्टूबर को अपर प्रमुख सचिव अवनीश अवस्थी ने बनारस में कानून व्यवस्था की समीक्षा की थी। इस दौरान क्राइम, करप्शन फ्री पुलिसिंग पर जोर दिया था। क्राइम कंट्रोल के लिए सिटी कमांड सेंटर की मदद लेने को कहा था। इस दौरान उन्होंने नम्बर ट्रेसिंग सेंसराइज डिवाइस के बारे में बताते हुए आईजी विजय सिंह मीणा को इस डिवाइस के लिए प्रपोजल भेजने को कहा था। अपर प्रमुख सचिव के जाने के बाद आईजी ने शासन को प्रपोजल भेज दिया है।
पुलिस को अपटेड करेगा सेंटर
- वाहन चोरी के मामले में सेंसराइज डिवाइस बहुत तेज काम करेगा।
- इस पर चोरी हुए वाहन के नम्बर को दर्ज करते ही टै्रक करना शुरू कर देगा
- शहर के प्रमुख एरिया या चौराहों पर लगे कैमरे इसे आसानी से ट्रैस कर सकेंगे
- कैमरे की जद में जैसे ही चोरी की गाड़ी का नम्बर आएगा डिवाइस के मॉनीटर पर ग्रीन सिंग्नल आएगा
- बीप-बीप की आवाज आने लगेगी। बाइक का लोकेशन भी शो करेगा। -डिवाइस एक्सपर्ट तुरंत इसकी सूचना एरिया पुलिस को देगा
- मोबाइल पर लोकेश अपटेड भी करेंगे।
- उक्त नम्बर वाली गाड़ी दिखने पर पुलिस तुरंत पकड़ लेगी।
- 1.5  करोड़ रुपये खर्च होंगे डिवाइस पर
- 10 वाहन डेली होते हैं चोरी
- 29 चौराहों पर लगाए गए हैं कैमरे
- 188 कैमरे हाई रेज्यूलुशन वाले काम कर रहे
- 721 कैमरे लगाए जाने हैं पूरे शहर में
- 1 लाख वाहन होते हैं एक वक्त में शहर की रोड पर
varanasi@inext.co.in


Posted By: Satyendra Kumar Singh

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