फर्जी डिग्री से पटवारी बनने वाले आरोपितों पर दस हजार इनाम आधा दर्जन हो चुके हैं गिरफ्तार

2019-01-20T13:08:08Z

आगरा स्थित डॉ भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सिटी में 14 साल पहले फर्जी डिग्री हासिल कर मध्य प्रदेश में पटवारी की नौकरी पाने वाले आरोपितों को यूपी पुलिस की एसआईटी ने शिकंजा कस दिया है। इनमें 11 इनामी आरोपी हैं जिनमें से आधा दर्जन अरेस्ट भी हो चुके हैं।

lucknow@inext.co.in
लखनऊ। आगरा स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सिटी में 14 साल पहले फर्जी डिग्री हासिल कर मध्य प्रदेश में पटवारी की नौकरी पाने वाले आरोपितों पर यूपी पुलिस की एसआईटी ने शिकंजा कस दिया है। पिछले डेढ़ साल के दौरान छह बार रिमाइंडर भेजने के बावजूद मध्य प्रदेश पुलिस ने इन आरोपितों को गिरफ्तार नहीं किया था। मध्य प्रदेश के डीजीपी को इस बाबत पत्र लिखने का भी कोई फायदा नहीं हुआ था। इस बीच अदालत ने कुर्की के आदेश भी जारी कर दिए थे। अब एसआईटी ने सभी फरार 12 आरोपितों की गिरफ्तारी पर दस-दस हजार का इनाम घोषित किया है। साथ ही इनकी गिरफ्तारी के प्रयास भी तेज कर दिए है। ध्यान रहे कि इस मामले में एसआईटी यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों समेत आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

अशोकनगर के रहने वाले हैं आरोपी
एसआईटी के मुताबिक सभी 12 आरोपी मध्य प्रदेश के अशोकनगर के निवासी हैं जिन्होंने आंबेडकर यूनिवर्सिटी के कुछ कर्मचारियों से साठगांठ कर फर्जी डिग्री और मार्कशीट हासिल की थी और बाद में उससे पटवारी की नौकरी पाने में कामयाब हो गये थे। इनमें से कई एक ही परिवार के हैं। फरार आरोपितों में रानू सिंह रघुवंशी, परमाल सिंह रघुवंशी, भूपेंद्र सिंह रघुवंशी, देवेंद्र सिंह रघुवंशी, सत्येंद्र सिंह रघुवंशी, शिवकुमार रघुवंशी, विनोद सोनी, शशी काले, अभिलाषा काले, राम कुमार यादव, श्वेता श्रीवास्तव व अनिल यादव शामिल हैं।
ये बातें जांस आईं  सामने
मालूम हो कि हाईकोर्ट के आदेश पर एसआईटी ने वर्ष 2014 में मामले की जांच शुरू की थी। जांच में सामने आया था कि बीएड  परीक्षा सत्र 2005 में भारी अनियमितता हुई थी। आरोपितों ने विवि की बीसीए व पीजीडीसीए की फर्जी मार्कशीट व डिग्री के जरिये मध्य प्रदेश में वर्ष 2008 में पटवारी की ट्रेनिंग कर ली थी। एसआईटी की रिपोर्ट पर मध्य प्रदेश पुलिस ने इंदौर व खरगौन में कुछ आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की थी, लेकिन अशोकनगर के आरोपितों के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं हो सकी थी।
फैक्ट फाइल
- 2005 बीएड सत्र की अंकतालिका में मिली थी गड़बडिय़ां
- 2014 में हाईकोर्ट के आदेश पर एसआईटी ने शुरू की जांच
- 3517 फर्जी छात्रों का समावेश करते हुए माक्र्स दिए गए थे
- 1053 छात्रों को ज्यादा नंबर देकर मार्कशीट प्रदान की गई
- 4570 छात्रों को फर्जी मार्कशीट वितरित की गईं थी
- 4 यूनिवर्सिटी कर्मचारियों सहित छह आरोपित हो चुके गिरफ्तार
केंद्र सरकार से नाराज अन्ना हजारे 30 जनवरी से करेंगे भूख हड़ताल
यूपी में सवर्णों को आरक्षण, मंत्री मंजूर कर सकेंगे 1 करोड़ तक के काम, कैबिनेट मीटिंग में लिए गए ये फैसले भी



This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.