फिर उफनाई नदियां, दबाव बना रही कोसी, 11 की डूबकर मौत

Updated Date: Thu, 13 Aug 2020 05:38 PM (IST)

PATNA :

सूबे में मंगलवार रात और बुधवार को हुई जमकर बारिश से नदियां फिर उफनाने लगी हैं। सुपौल में कोसी तटबंध के 17 बिंदुओं पर दबाव बना रही है। दरभंगा -समस्तीपुर रेलखंड पर 20 वें दिन भी ट्रेन परिचालन ठप रहा। पूर्वी और पश्चिम चंपारण के एक-एक हैं। बाढ़ के पानी में डूबकर 11 लोगों की मौत हो गई। इनमें मुजफ्फरपुर और कटिहार के तीन-तीन, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मधुबनी, खगडि़या और मधेपुरा के एक-एक शामिल हैं।

सुपौल में कोसी नदी के जलस्तर में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव से नेपाल प्रभाग समेत भारतीय प्रभाग में 17 ¨बदुओं पर नदी दबाव बना रखी है। नेपाल प्रभाग के पूर्वी एफलक्स बांध के स्पर संख्या 42, 43,34, 35, 37, 39 एवं 49 से 50 तथा पुलठैगौड़ा के 12 नंबर स्पर पर फिर नदी का दबाव है। इसी तरह पश्चिमी तटबंध के नेपाल भाग में पड़ने वाले 9.18 किमी स्पर एवं डलवा ¨रग बांध के कट एंड भी दबाव में हैं। इसी बांध के सिकरहट्टा मझारी लो बांध के 15.60,16.00,19.00 आरडी भी लगातार दबाव झेल रहा है। भारतीय प्रभाग के पूर्वी कोसी तटबंध के 78.30 किमी स्थित पुराना बांध एवं 83.20 से 82.25 के बीच और इसके अप स्ट्रीम के 10.90 किमी पर भी नदी आक्रामक दिखती है। सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड के केदली में कोसी के कटाव में आधा दर्जन घर विलीन हो चुके हैं। मधेपुरा में नदियां स्थिर हैं। अररिया में बकरा व रतवा नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। इस कारण कई गांवों के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैल रहा है। कटिहार में महानंदा खतरे के निशान से नीचे बह रही है। गंगा के जलस्तर में मामूली कमी दर्ज की गई है। कोसी और बरंडी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। पूíणया जिले में बारिश नहीं हुई है। महानंदा, कनकई, परमान, दास आदि नदियों का जलस्तर स्थिर बना हुआ है।

प। चंपारण के कई गांवों में घुसा पानी, खतरा बढ़ा

पश्चिम चंपारण में गंडक और पहाड़ी नदियों का पानी बैरिया प्रखंड के दियारा और गौनाहा प्रखंड के कई गांवों में घुस गया है। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के मंगुराहा जंगल और सीमा सशस्त्र बल ( एसएसबी) के झंडू टोला बीओपी में भी पानी घुसा है। बगहा में गंडक नदी के दीनदयाल घाट पर बहकर एक मगरमच्छ आ गया। बाद में साहसी युवकों ने नदी में छोड़ा। चंपारण तटबंध पर खतरा मंडराने लगा है। बाढ़ से घिरे प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी पंडित राजकुमार शुक्ल के गांव मुरली भरहवा का अस्तित्व संकट में है। मधुबनी जिले के बेनीपट्टी प्रखंड क्षेत्र के दर्जनभर से अधिक गांव पानी से घिरे हैं। समस्तीपुर के निचले क्षेत्रों में परेशानी है। दरभंगा जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति यथावत है। मुजफ्फरपुर में बागमती, लखनदेई और बूढ़ी गंडक का पानी बढ़ने से दहशत है।

Posted By: Inextlive
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