रक्त संक्रमण बन सकता है कैंसर का कारण

2019-06-24T10:43:25Z

इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के सभागार में रविवार को एक वैज्ञानिक कार्यशाला का आयोजन किया गया इसमें बताया गया कि समय पर यदि रक्त संबंधी रोगों की पहचान हो जाए तो उसका इलाज सफल रहता है

-विशेषज्ञों ने कहा, बचाव के लिए जरूरी है कि समय से कराते रहें जांच

prayagraj@inext.co.in
PRAYAGRAJ: इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के सभागार में रविवार को एक वैज्ञानिक कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसकी अध्यक्षता एएमए अध्यक्ष डा. आरकेएस चौहान ने की. डा. सत्य रंजन दास कमांडेंट और परामर्शदाता क्लीनिकल हिमैटालजी विभाग मिलेट्री हॉस्पिटल प्रयागराज ने सामान्यत: होने वाले रक्त विकार, उनकी पहचान और समाधान विषय पर व डा. राधा रानी घोष वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञ ने सीएमएल ब्लड कैंसर पर अपना व्याख्यान दिया.

समय पर पहचान न होने पर मुश्किल
डा. दास ने बताया कि समय पर यदि रक्त संबंधी रोगों की पहचान हो जाए तो उसका इलाज सफल रहता है. इलाज में बाधाएं तब उत्पन्न होती हैं, जब रक्त में संक्रमण हो जाता है. यदि रोगी ऐसी दवाओं का सेवन करता है, जिसमें धातु की मात्रा अधिक होती है तो वह कैंसर का कारण बन सकता है. वक्त पर यदि कैंसर की पहचान हो जाती है तो कीमोथेरेपी, बोनमैरो ट्रांसप्लांट द्वारा इसका निदान 60 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक किया जा सकता है. डॉ. राधारानी घोष ने बताया कि सीएमएल प्रति लाख व्यक्ति में एक से दो लोगों में होता है. यह बीमारी वृद्ध लोगों में अधिक होती है. इस अवसर पर डा. अमिताव घोष, डा. वीके गुप्ता, डा. जीएल गुप्ता, डा. बीके मिश्रा, डा. शरद साहू, डा. नागेश्वर मिश्र, डॉ. अनूप चौहान, डा. आशुतोष गुप्ता आदि मौजूद रहे.

Posted By: Inextlive

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.