बॉलीवुड की यंग जेनेरेशन जिम में वक्त बिताने में यकीन नहीं रखती

Updated Date: Thu, 08 Aug 2019 11:56 AM (IST)

जहां सलमान खान ऋतिक रोशन और शाहिद कपूर जैसे सुपर स्टार जिम फ्रीक कहलाते हैे वहीं आजकल के नए उभरते सितारे इस काम में ज्यादा रुचि नहीं रखते।


sonia.lulla@mid-day.comMumbai: क्योंकि, दिल तो बच्चा है जी! बॉलीवुड की यंग जनरेशन के एक्टर्स अपना ...यादातर वक्त जिम में बिताने में यकीन नहीं रखते हैं। खुद को फिट और एथलेटिक बनाए रखने के लिए वे नैचुरल और 'होलसमÓ' तरीके अपना रहे हैं।तारा सुतारिया: डांस पे चांस
मैंने पांच साल की उम्र मेम 'बैले' डांस सीखना शुरू किया था और 18 साल की उम्र तक इसे डेडिकेशन के साथ सीखा। बैले अगर कम उम्र में सीखा जाए तो इसके बहुत फायदे हैं। मैं हर बच्चे को यह रिकमेंड करती हूं। यह न सिर्फ आपको फिट रखता है, आपका पॉश्चर बेहतर बनाता है बल्कि यह यंग ऐज में आपको डिसिप्लन भी सिखाता है। डांस आपको फिजिकली, मेंटली और इमोशनली बैलेंस्ड रखने में मदद करता है। मैंने 10 सालों तक लैटिन अमेरिकन डांस के अलावा जैज और कथक भी सीखा है। मेरे लिए डांस फिटनेस का अल्टीमेट तरीका है। मैं जिम जाने में यकीन नहीं रखती हूं। कई बार मेरी डांस टे्रनिंग दो घंटे की होती है तो कई बार यह पूरे दिन चल सकती है। मैं हफ्ते में कम से कम तीन बार इसकी ट्रेनिंग करती हूं।मृणाल ठाकुर: डेडिकेटेड रनर


मैं अकेले वर्कआउट नहीं कर सकती। जब आप ग्रुप में ट्रेनिंग करते हैं तो आपको फिनिश करने की मोटिवेशन मिलती है। मेरे एक दोस्त ने मुझे शहर (मुंबई) के एक रनिंग ग्रुप से मिलवाया था। मुझे टाउन और समंदर के किनारे दौड़ने में मजा आता है। हमने रोज तीन किलोमीटर दौड़ने से शुरुआत की थी और हम 12 किलोमीटर तक पहुंच गए। हम इसके लिए सैटरडे या संडे को चुनते हैं। दोस्तों के साथ दौड़ते वक्त हेल्दी कॉम्पिटीशन भी रहता है। ऐसे में आप थोड़ा ज्यादा दौड़ लेते हैं। मैं रनिंग के अलावा कलरीपयट्टू, जुंबा और कलिस्थेनिक्स भी करती हूं।अनन्या पांडे: नो बैकिंग आउटअनन्या पांडे: नो बैकिंग आउटस्टूडेंट ऑफ द इयर 2 के बाद से मैं ज्यादा डांस करने लगी हूं। मैं रोज कथक या कंटेम्प्रेरी डांस करती हूं। जब मैंने कथक चुना था तो मैंने इसे एक घंटा दिया और इसे हफ्ते में तीन-चार बार किया। जब मैं कंटेम्प्ररी सीखती हूं तो मैं क्लास शुरू होने से एक घंटे पहले स्ट्रेच करती हूं ताकि रूटीन के लिए मेरी बॉडी तैयार हो सके। मेरी बॉडी की फ्लेक्सिबिलिटी बहुत खराब है, मैं अपने पैरों की उंगलियां नहीं छू सकती इसलिए मैं योगा और पिलाटीज भी करती हूं। वजन के साथ मेरा स्ट्रगल भी अलग है क्योंकि मुझे वजन बढ़ाने में प्रॉब्लम होती है।

Posted By: Molly Seth
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