शिया और सुन्नी विवाद से भड़की हिंसा रावलपिंडी और मुल्तान में सेना को सौंपा गया जिम्मा.


मोबाइल सेवा बंदपाकिस्तान में शिया और सुन्नी विवाद चरम पर पहुंचता जा रहा है. मुहर्रम के दौरान एक बार फिर से जातीय हिंसा भड़कने के चलते 10 लोगों की मौत हो गई और 40 घायल हुए हैं. इसके बाद रावलपिंडी और मुल्तान में सेना को सुरक्षा एवं व्यवस्था का जिम्मा सौंपा गया है. रावलपिंडी में अफवाहों से बचने के लिए मोबाइल सेवा को बंद कर दिया गया है.19 पुलिस थानों में क‌र्फ्यू


अधिकारियों ने बताया कि सैन्य शहर रावलपिंडी के 19 पुलिस थानों में क‌र्फ्यू लगाया गया है. मुहर्रम के दौरान शुक्रवार को सुन्नी छात्रों से शियाओं की भिड़ंत हो गई थी. रावलपिंडी में भारी संख्या में पुलिस और सैनिक गश्त लगा रहे हैं. सेना मुख्यालय और पंजाब प्रांत में सालों बाद क‌र्फ्यू की स्थिति बनी है. मुल्तान शहर में प्रशासन ने शनिवार को सेना को बुलाया. यहां एक व्यक्ति की मौत हुई और दो गंभीर रूप से घायल हुए हैं. शहर के नाला वली मुहम्मद इलाके में हिंसा के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.पुलिस की बंदूकें छीनी

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है. हिंसा के कारणों का पता लगाने के लिए हाई कोर्ट के जज को नियुक्त किया गया है. रावलपिंडी में झगड़ा तब शुरू हुआ जब शिया जुलूस राजा बाजार में पहुंचा. शुरुआती जांच में पता चला है कि जुलूस में शामिल लोगों पर कुछ शरारती तत्वों ने छींटाकशी की. इसके बाद गुस्साए लोगों ने तीन छात्रों की हत्या कर दी और हिंसा शुरू हो गई. इलाके में गोलियां भी चलाई गई हैं. लोगों ने पुलिस की बंदूकें भी छीन ली थीं. पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ ने अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है.

Posted By: Subhesh Sharma