प्रियंका कनेक्शन कहीं यूपी में गिरा न दे गठबंधन का विकेट, जल्द दिखेगा असर

Updated Date: Wed, 13 Feb 2019 04:21 PM (IST)

कांग्रेस का ट्रंप कार्ड मानी जा रही प्रियंका गांधी वाड्रा का यूपी आगाज भाजपा समेत तमाम विपक्षी दलों के लिए चुनौती का सबब बन सकता है।

- राहुल का साथ और ज्योतिरादित्य का अनुभव आएगा काम
- प्रियंका के लिए लिटमस टेस्ट साबित होगा लोकसभा चुनाव
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LUCKNOW:  कांग्रेस का ट्रंप कार्ड मानी जा रही प्रियंका गांधी वाड्रा का यूपी आगाज भाजपा समेत तमाम विपक्षी दलों के लिए चुनौती का सबब बन सकता है। करीब एक दशक के बाद कांग्रेस संगठन में दम फूंकने को तैयार प्रियंका को भाई राहुल गांधी का साथ और सहयोगी ज्योतिरादित्य सिंधिया के अनुभव की ताकत मिलेगी। अब तक रायबरेली और अमेठी की गलियों में मां और भाई के लिए वोट मांगने वाली प्रियंका के कंधों पर जो नई जिम्मेदारी डाली गयी है, उसका असर अगले तीन महीनों में सामने आ जाएगा। यदि प्रियंका इस लिटमस टेस्ट में पास हो गयीं तो यह तय है कि 2022 में यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव की सियासी लड़ाई का केंद्र बदल सकता है।
गठबंधन को होगी मुश्किल
यूपी की राजनीति में प्रियंका की धमाकेदार एंट्री को लेकर सियासी जानकारों का मानना है कि इसका सबसे बड़ा असर सपा-बसपा गठबंधन पर पड़ सकता है। प्रियंका और राहुल को लेकर अखिलेश के नरम बयान गठबंधन की नींव को हिला सकते हैं। वहीं गठबंधन से टिकट की लालसा में पाला बदलने वाले नेताओं को कांग्रेस के रूप में एक ज्यादा बेहतर विकल्प भी मिल चुका है। अगर यूपी के जातिगत समीकरणों की बात करें तो बड़े पैमाने पर वोटों के बिखराव की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता। भाजपा के मजबूत विकल्प की तरफ देखने वालों को नई राह भी मिल सकती है। ये वोट बैंक की सियासत है, शायद यही वजह है कि रोड शो में प्रमोद तिवारी, अनु टंडन, राजीव शुक्ला, संजय सिंह, आरपीएन सिंह, जितिन प्रसाद को खासी तवज्जो दी गयी।

शो तो अभी बाकी है

प्रियंका की सियासी लांचिंग में कांग्रेस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। शायद यही वजह है कि पूरे रोड शो और कांग्रेस दफ्तर में कुछ वक्त गुजारने के बावजूद प्रियंका ने एक शब्द भी नहीं बोला। रोड शो पर पीएम मोदी पर जोरदार हमला बोलने के अलावा किसी अन्य मुद्दे को ज्यादा तरजीह नहीं दी गयी जो सीधे तौर पर पार्टी के इस संदेश को बताती है कि लोकसभा चुनाव राहुल बनाम मोदी ही लड़ा जाएगा। प्रियंका को फिलहाल यूपी में पार्टी की जड़ें मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गयी है। उनका सीधा मुकाबला यूपी में भाजपा और बसपा से होगा जबकि सपा को नजरअंदाज करने की रणनीति अपनाई जाएगी। प्रियंका का यह यूपी कनेक्ट गठबंधन का विकेट गिरा दे, तो हैरत की बात नहीं होगी। 

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Posted By: Shweta Mishra
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