भारत में बनी कोरोना वैक्सीन Covaxin का पहला डोज 30 साल के युवक काे दिया गया, ह्यूमन ट्रायल में ऐसे हो सकते हैं शामिल

कोरोना वायरस संकट के बीच स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल शुरू हो गया है। इसका पहला डोज दिल्ली स्थित एम्स में एक 30 वर्षीय युवक को दिया गया है। अब तक करीब 3500 से अधिक वालंटियर वैक्सीन ट्रायल के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करना चुके हैं। एम्स ने इसमें शामिल के इच्छुक लोगों के लिए ईमेल आईडी और फोन नंबर जारी किया है।

Updated Date: Sat, 25 Jul 2020 02:07 PM (IST)

नई दिल्ली (एएनआई)। कोरोना वायरस के लगातार बढ़ रहे मामलों के बीच देश में तैयार की गई वैक्सीन कोवैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल शुरू हो गया है। इस वैक्सीन की पहली खुराक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) दिल्ली में एक 30 वर्षीय युवक को दी गई है। एम्स में कोविड वैक्सीन प्रोजेक्ट के प्रमुख शोधकर्ता और कम्युनिटी मेडिसिन के प्रोफेसर डॉक्टर संजय राय ने बताया कि यह ह्यूमन ट्रायल का पहला चरण है। वैक्सीन का पहला डोज दिल्ली के एक निवासी को दी गई है। दिल्ली निवासी यह पहले वालंटियर हैं। इनकी दो दिन पहले जांच की गई थी और इस दाैरान उनकी सभी रिपोर्ट ठीक आई। वैक्सीन लगाने के दो घंटे बाद तक उसे अंडर ऑब्जरर्वेशन रखा गया। इस दाैरान उन पर कोई साइड इफेक्ट नहीं दिखा। टेलीफोन से डाॅक्टर डेली करेंगे संपर्क
हालांकि उनकी अगले एक सप्ताह तक माॅनिटरिंग होगी। डॉक्टर एक सप्ताह तक टेलीफोन के माध्यम से उनके हेल्थ स्टेटस की डेली इंक्वायरी करेंगे। साथ ही उन्हें एक डायरी भी दी जा रही है। इस दाैरान कुछ भी परेशानी महसूस होने पर उसे डायरी में लिखना होगा। इसके अलावा अपना रूटीन भी उसमें मेंशन करने को कहा गया है। डॉक्टर संजय राय ने कहा अब तक करीब 3,500 से अधिक वालंटियर पहले ही एम्स में इस वैक्सीन के ट्रायल के लिए रजिस्टर्ड हो चुके हैं। इसमें 22 की स्क्रीनिंग चल रही है। इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च के अनुसार पहले और दूसरे चरण का ट्रायल 12 संस्थानों पर हो रहा है। इसमें एम्स दिल्ली के अलावा, एम्स पटना और कुछ अन्य संस्थान शामिल हैं।इस पर कर सकते हैं काॅल या मैसेजइस संबंध एम्स के डॉक्टर ने कहा कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति, जो ट्रायल में शामिल होना चाहता है वह ctaiims.covid19@gmail.com पर ईमेल भेज सकता है या 7428847499 पर एक एसएमएस या कॉल भेज सकता है। पहले चरण में 375 लोगों पर परीक्षण होगा और इनमें से 100 एम्स में होंगे। बाकी लोगों को अन्य संस्थानों पर ट्रायल के लिए भेज दिया जाएगा। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) के सहयोग से हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड (बीबीआईएल) द्वारा 'पहली' संभावित स्वदेशी वैक्सीन 'कोवैक्सिन' बनाई गई है।

Posted By: Shweta Mishra
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.