Daily Panchang in Hindi 22 Nov: रविवार के शुभ मुहूर्त, राहुकाल व दिशाशूल की स्थिति, आभूषण, रत्न खरीदने और धारण करने के लिए शुभ है यह तिथि

Updated Date: Sat, 21 Nov 2020 04:54 PM (IST)

Aaj ka Panchang 22 Nov: पंचांग पांच चीजों के योग से बनता है यह हैं तिथि नक्षत्र वार योग और करण। 22 नवम्बर 2020 दिन रविवार के दैनिक पंचाग के अनुसार शुभ मुहूर्त राहुकाल सूर्योदय और सूर्यास्‍त का समय तिथि करण नक्षत्र सूर्य चंद्र व दिशाशूल की स्थिति मास व पक्ष की पूरी जानकारी नीचे दी गई


कानपुर (इंटरनेट-डेस्क)। Dainik Panchang 22 Nov, 2020: रविवार को अष्टमी तिथि 22:52:40 तक तदोपरान्त नवमी तिथि है। अष्टमी तिथि के स्वामी भगवान शिव जी हैं तथा नवमी तिथि की स्वामिनि दुर्गा जी हैं। रविवार को भगवान सूर्य को प्रातः ताम्बे के बर्तन में लाल चन्दन, गुड़ और लाल पुष्प डाल कर अर्घ्य देना चाहिए। रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना आवश्यक हो तो घर से पान या घी खाकर निकलें। दिन का शुभ मुहूर्त, दिशाशूल की स्थिति, राहुकाल एवम् गुलिक काल की वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी आगे दी गई है।

22 नवम्बर 2020 दिन - रविवार का पंचांगसूर्योदयः- प्रातः 06:27:07सूर्यास्तः- सायं 05:01:04 विशेषः- रविवार को भगवान सूर्य को प्रातः ताम्बे के बर्तन में लाल चन्दन, गुड़ और लाल पुष्प डाल कर अर्घ्य देना चाहिए।विक्रम संवतः- 2077शक संवतः- 1942आयनः- दक्षिणायनऋतुः- हेमन्त ऋतुमासः- कार्तिक माह
पक्षः- शुक्ल पक्ष


तिथिः- अष्टमी तिथि 22:52:40 तक तदोपरान्त नवमी तिथितिथि स्वामीः- अष्टमी तिथि के स्वामी भगवान शिव जी हैं तथा नवमी तिथि की स्वामिनि दुर्गा जी हैं।नक्षत्रः- शतभिषा 01:05:57 तक तदोपरान्त पूर्वा भाद्रपद नक्षत्रनक्षत्र स्वामीः- शतभिषा के स्वामी राहु देव हैं तथा पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र के स्वामी गुरु देव हैं।योगः- व्याघात 29:50:34 तक तदोपरान्त हर्षण

गुलिक कालः- शुभ गुलिक काल 02:46:09 से 04:05:17 तकदिशाशूलः- रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना आवश्यक हो तो घर से पान या घी खाकर निकलें।राहुकालः- आज का राहुकाल 04:05:00 से 05:24:00 तकतिथि का महत्वः- इस तिथि में नारियल नहीं खाना चाहिए तथा यह तिथि आभूषण, रत्न खरीदने और धारण करने के लिए शुभ है।“हे तिथि स्वामी, योग स्वामी, नक्षत्र स्वामी, दिन स्वामी आप पंचांग का पाठन करने वालों पर अपनी कृपा दृष्टि बनाये रखना।”By Astrologer Dr. Trilokinath

Posted By: Shweta Mishra
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