सेना के जवानों के परिजनों से अभद्रता बर्दाश्त नहीं डीजीपी

2019-03-09T12:20:34Z

डीजीपी ने मातहतों को दिए सख्त निर्देश।

lucknow@inext.co.in
LUCKNOW : डीजीपी ओपी सिंह ने मातहतों को सख्त निर्देश दिए कि सेना का प्रत्येक जवान देश की धरोहर है। उसके परिवार के प्रत्येक सदस्य की समुचित सुरक्षा तथा उनकी पुलिस विभाग से संबंधित समस्याओं का पारदर्शिता और प्राथमिकता पर निराकरण कराना पुलिस के मुख्य दायित्वों में से एक है। सेना के जवानों व परिवारीजनों के साथ किसी प्रकार का कोई विवाद होने पर अथवा मुकदमा आदि दर्ज होने पर कोई दुव्र्यवहार नहीं होना चाहिए। उनके परिजनों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए। यदि सैनिक अथवा उनके परिजनों पर मुकदमा आदि दर्ज किया जाता है तो पहले संबंधित सैनिक के संबंध में निकटतम मिलिट्री यूनिट को सूचना दी जाए तथा नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जाए।

प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाये

वहीं थाने पर सेना के जवान अथवा उनके परिवारीजन किसी प्रकार की कोई शिकायत अथवा समस्या लेकर आते हैं तो उनके साथ शिष्टता का आचरण करते हुए सहानुभूतिपूर्वक एवं पूरी संवेदनशीलता के साथ समस्या को प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाये। यदि किसी सैनिक अथवा उनके पारिवारिक सदस्यों से पुलिस द्वारा उनका उत्पीडऩ करने की शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी।

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