34 गांवों के बाशिंदों को नहीं मिल रही अंधेरे से आजादी सौभाग्य योजना में बरेली फिसड्डी साबित

2018-08-13T16:35:02Z

- अगस्त तक का लक्ष्य 1.33 लाख, कनेक्शन बांटे मात्र 28 हजार

BAREILLY: गांवों में घर-घर बिजली पहुंचाने के लिए शुरू की गई सौभाग्य योजना में बरेली फिसड्डी साबित हो रहा है। योजना को मूर्त रूप देने से बिजली विभाग के अफसर कोसो दूर हैं। लक्ष्य का 40 फीसदी भी बिजली कनेक्शन नहीं बांट सके हैं। जिस पर सार्वजनिक उपक्रम और निगम संयुक्त समिति ने नाराजगी भी जाहिर की है। समिति के अफसरों ने सौभाग्य योजना को सफल बनाने के लिए डीएम को नोडल अधिकारी नामित कर रखा है।

लक्ष्य से काफी पीछे

जिले में सौभाग्य योजना के अंतर्गत 1.70 लाख बिजली कनेक्शन बांटने का काम होना है। दिसम्बर 2018 तक का लक्ष्य है। जुलाई व अगस्त में दिए गए 1.33 लाख लक्ष्य की जगह बमुश्किल 28 हजार बिजली कनेक्शन ही विभाग बांट सका है। ग्रामीणों को मुफ्त कनेक्शन तक नहीं मिल पा रहे हैं। बिजली विभाग के अफसरों का कहना है कि जिले में बजाज इलेक्ट्रिक कार्यदायी संस्था है। उसका कार्य बेहद धीमा चल रहा है।

कमेटी ने दिए थे निर्देश

बता दें कि अब तक 34 गांवों में बिजली नहीं पहुंची है। इन गांवों में अगस्त 2018 तक बिजली पहुंचाने के निर्देश दिए गये थे। 15 अगस्त पर पीएम नरेंद्र मोदी बिजली मुद्दे पर बोल सकते हैं। इसलिए इन गांवों में बिजली का नेटवर्क सौभाग्य योजना से जल्द से जल्द जोड़ने की हिदायत दी गई है। विधानमंडल कमेटी ने इन गांवों में तय समय सीमा में बिजली पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

एक नजर जिले पर

- 1.70 लाख बिजली कनेक्शन बांटे जाने हैं।

- जुलाई-अगस्त 2018 तक 1.33 लाख कनेक्शन बांटने का काम पूरा करना था।

- 28 हजार मात्र अभी तक बिजली कनेक्शन बंटे।

- 2500 गांवों में लोगों को बिजली कनेक्शन बांटना हैं।

- दिसम्बर 2018 तक का है लक्ष्य।

 

मुफ्त बिजली कनेक्शन बांटने का काम चल रहा है। अभी तक 28 हजार के करीब कनेक्शन बंटे हैं। हमारा प्रयास है कि समय रहते लक्ष्य को पूरा कर लिया जाए।

मोहम्मद तारिक वारसी, एसई, ग्रामीण बिजली विभाग


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