क्रिसमस के मौके पर यूरोपीय यूनियन के राजदूतों ने ब्रिटेन के साथ फ्री-ट्रेड डील के आंकलन शुरू कर दिया है। ब्रेग्जिट प्रक्रिया फाइनल होने के बाद यह प्रक्रिया अगले सप्ताह से शुरू हो जाएगी। इसके बाद की स्थिति को लेकर ही राजदूत आंकलन कर रहे हैं।


ब्रसेल्स (एपी)। यूरोपीय संघ से बाहर हाेने की ब्रिटेन ने बृहस्पतिवार को घोषणा कर दी। यूरोपीय संघ में शामिल अन्य देश पहले ही बाहर आने को लेकर एकमत थे। बस कानूनी मंजूरी मिलने की देरी है। इस डील को तेजी से मंजूरी देना जरूरी है क्योंकि संक्रमण अवधि बीत जाने के बावजूद ब्रिटेन ने यूरोपीय संघ के साथ पूर्व नियमों के तहत कारोबार जारी रखा था। डील को कानूनी जामा पहनाना बाकीउम्मीद है कि यूके की संसद आने वाले दिनों में इस डील को मंजूरी दे देगी लेकिन यह पहले से ही लागू हो जाएगा। यूरोपीय संघ से इसे औपचारिक रूप से अगले महीने मंजूरी मिलनी ही बाकी है। अभी कानूनी रूप से इस डील को मंजूरी मिलनी बाकी है।ईयू-ब्रिटेन को समझौते में लगे तीन वर्ष


ब्रिटेन को यूरोपीय संघ से राजनीतिक रूप से अलग होने के निर्णय के बाद इस समझौते में तीन वर्ष लगे। इसकी प्रक्रिया पिछले साल जनवरी में शुरू हो गई थी। दोनों पक्ष को आर्थिक और यूरोपीय संघ से ब्रिटेन की आजादी में आने वाले गांठ को सुलझाने काफी मशक्कत करनी पड़ी।डील को दोनों पक्ष बता रहे अपने हित में

दोनों पक्ष इस बात का दावा कर रहे हैं कि 2,000 पन्नों के एग्रीमेंट उनके हितों का संरक्षण करने में सक्षम है। ब्रिटेन ने कहा कि इस समझौते के बाद यूके अपने धन, सीमा, कानून और अपने हितों पर नियंत्रण रख सकेगा। वहीं यूरोपीय संघ ने कहा कि यह समझौता यूरोपीय संघ के एकल बाजार और उनके सुरक्षातंत्र को मजबूती प्रदान करेगा। ब्रिटेन अवैध तरीके से उनके मानकों से छेड़खानी नहीं कर सकेगा।

Posted By: Satyendra Kumar Singh