इंटरनेशनल कॉल्स के 'लोकल' खिलाड़ी

2019-02-03T06:01:11Z

मऊआइमा थाना क्षेत्र में एक ऐसा टेलीफोन एक्सचेंज चल रहा था जिसका कोई रिकार्ड किसी के पास नहीं था। इन लोगों का काम सिर्फ इतना था कि ये इंटरनेशनल काल्स को लोकल बना देते थे और काल करने वालों से मोटी रकम वसूल कर सरकार को चूना लगा रहे थे। देखा जाए तो ये कोई उतना बड़ा अपराध नहीं है, लेकिन यदि इसे गहराई से देखें तो ये कितना खतरनाक हो सकता है इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। कारण की इस एक्सचेंज से पिछले डेढ़ माह में की गई काल्स का कोई डिटेल्स किसी मोबाइल कंपनी या सुरक्षा एजेंसी के पास नहीं है। कारण की वे यहां से होने वाली काल्स को ट्रेस ही नहीं कर सकते। हद तो ये कि ये सब उस शहर (प्रयागराज) में हो रहा था जो इस समय कुंभ के आयोजन के कारण पूरी दुनिया की नजरों में है। यहां से होने वाली काल्स का लाभ यदि किसी आतंकवादी संगठन ने लिया हो तो उसका नतीजा काफी भयावह हो सकता है।

अवैध रूप से टेलीफोन एक्सचेंज खड़ा करके करते हैं मोटी कमाई

इंटरनेशनल कॉल हो जाती है लोकल में कन्वर्ट, टेलीकॉम एजेंसीज के पास कोई रिकॉर्ड नहीं

prayagraj@inext.co.in

PRAYAGRAJ: मऊआइमा थाने की पुलिस ने एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है, जो काफी समय से अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चला रहा था। ये लोग अपने एक्सचेंज के माध्यम से इंटरनेशनल कॉल्स को लोकल बना कर सरकार को चूना लगा रहे थे। पुलिस इस संभावना को भी मान रही है की ये गैंग देशविरोधी गतिविधियों में शामिल हो सकता है। ये टेलीफोन एक्सचेंज मऊआइमा कस्बे के एक मकान में चल रहा था। पकड़े गए लोगों में मो। आसिफ, नदीम अहमद, मो माबद व सोनू खान शामिल हैं। लखनऊ अभिसूचना मुख्यालय से जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तारी की।

इंजीनियर भी खेल में शामिल

पुलिस लाइंस सभागार में एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि आजमगढ़ जनपद के गौराडीह का नदीम अहमद पुत्र इरशाद अहमद अवैध टेलीफोन एक्सचेंज को संचालित कर रहा था। उसने बताया कि सभी उपकरण उसने मऊआइमा क्षेत्र के दोस्तपुर निवासी मो। जफर पुत्र जाकिर से लिया था। मो। आसिफ पुत्र मो। जब्बार निवासी बसरही बीटेक पास है। वह टेलीफोन एक्सचेंज को संचालित करता था। गिरोह के सदस्य आसिफ की जरुरत पड़ने पर सपोर्ट लेते थे। इनके अलावा मो। माबद पुत्र असलम निवासी रानीगंज जनपद प्रतापगढ़ व सोनू खान निवासी बसरही कस्टमर पकड़कर लाते थे। इनमें से जफर जो इस समय सउदी में है के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

करा चुके हैं 20 हजार कॉल्स

करीब तीन माह पूर्व यह अवैध टेलीफोन एक्सचेंज संचालित होना शुरू हुआ

रोज पांच से छह सौ कॉल्स कराई जाती थी

एक काल से एक रुपए इन्कम होती थी

दस पैसा एक कॉल पर खर्च होता था

इन लोगों ने करीब बीस हजार से अधिक लोगों की काल के जरिए बातचीत कराई है

जिन लोगों ने काल की है उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है

कॉल कहां-कहां और किसे की इस बारे में भी पता लगाया जा रहा है।

जिस घर से गिरोह के लोग अवैध टेलीफोन एक्सचेंज संचालित कर रहे थे उसका नाम बसीर चप्पल वाला है

फिलहाल वह गायब है। उसकी तलाश की जा रही है।

कैसे होती थी कॉल कन्वर्ट

पकड़े गए बीटेक छात्र आसिफ ने बताया कि वीओआईपी कॉल के जरिए इंटरनेशनल कॉल को लोकल में परिवर्तित किया जाता था

टीपी स्मार्ट, टईब काल, आई टेल प्लस व एवन डॉयलर से काल टर्मिनेट कर देते थे

फिर लोगों को खाड़ी देशों, मुस्लिम देश में बात कराते थे

इसमें राष्ट्र विरोधी व हवाला कारोबार होता था

इस काल से होनी वाली बातचीत को कोई भी सुरक्षा एजेंसी इंटरस्पेट नही कर सकती थी।

इसलिए ट्रेस करना असंभव

एसएसपी नितिन तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि विदेशों से डायलर के माध्यम से की गई इंटरनेट काल सर्वर के माध्यम से अवैध टेलीफोन एक्सचेन्ज के राऊटर व स्विच के माध्यम से सिमबाक्स पर पहुंच जाती थी।

सिमबाक्स में लगा हुआ हार्डवेयर गेटवे के रूप में कार्य करता था और इण्टरनेट काल को वायस काल में परिवर्तित कर सिमबाक्स में लगे सिम के माध्यम से वायस काल रिसीवर तक पहुंचाता था।

यह काल इण्टरनेशनल गेटवे के माध्यम से न आकर सिमबाक्स के सेट अप बाक्स में आती है, इसी कारण इनकी मानीटरिंग सम्भव नहीं हो पाती है।

डेढ़ माह से थी नजर

बताया जाता है कि लखनऊ स्थित अभिसूचना विभाग को उस वक्त झटका लगा, जब अचानक मऊआइमा क्षेत्र में इंटरनेशनल कॉल्स का अचानक जाम लगना शुरू हुआ। विभाग के अधिकारी हरकत में आए और गोपनीय रुप से एक अधिकारी को लगाया गया। डेढ़ माह से मऊआइमा क्षेत्र में एक अधिकारी गिरोह के सदस्यों पर अपनी नजर रख रहा था। वह क्षेत्र में कपड़ा वाला बनकर लोगों के घरों में जाकर कपड़ा बेचने का काम करने के साथ ही जानकारियां एकत्र कर रहा था। इस दौरान उसका विवाद भी कुछ लोगों से हुआ तो मामला थाने पहुंचा। पुलिस अधिकारी को थाने लाई तो मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद स्थानीय स्तर पर भी पुलिस सक्रिय हो गई।

देश की सभी एजेंसियों को इसकी जानकारी दे दी गई है। इनके बारे में और भी जानकारी जुटाई जा रही है। कॉल कहां-कहां और किन-किन लोगों ने की इसकी जानकारी ली जा रही है। कई और अहम जानकारी मिली है।

-नितिन तिवारी,

एसएसपी

बरामदगी

तीन गेटवे बाक्स

80 सिम

11 राउटर

48 कॉलिंग मिनट स्लिप

छह मोबाइल आदि बरामद


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