फतेहपुर और देवरिया खनन केस की ईडी भी करेगी जांच

2019-07-13T06:00:40Z

- नई दिल्ली स्थित ईडी मुख्यालय से मांगी केस दर्ज करने की अनुमति

LUCKNOW: सीबीआई की तर्ज पर फतेहपुर और देवरिया में हुए खनन घोटाले का केस इंफोर्समेंट डायरेक्टरेट भी दर्ज करेगा। राजधानी स्थित ईडी के जोनल कार्यालय ने ईडी मुख्यालय से केस दर्ज करने की अनुमति मांगी है। सोमवार तक अनुमति मिलने के बाद दोनों मामलों में प्रिवेंशन ऑफ मनी लांडि्रंग एक्ट के तहत केस दर्ज होने की उम्मीद है। दोनों मामलों में चार आईएएस, एक पीसीएस अफसर को सीबीआई ने आरोपी बनाया है। वहीं पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को भी नामजद किया है। सीबीआई ने विगत 29 जून को दोनों केस दर्ज करने के बाद दो दिन पहले आरोपितों के आठ शहरों के 12 ठिकानों पर छापेमारी की थी जिसमें बुलंदशहर के डीएम अभय सिंह के आवास से 49 लाख रुपये कैश जबकि आजमगढ़ के सीडीओ डीएस उपाध्याय के आवास से दस लाख रुपये कैश बरामद हुए थे।

सीनियर आईएएस भी आरोपी

सीबीआई ने फतेहपुर खनन घोटाले में पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति, सीनियर आईएएस जीवेश नंदन, संतोष कुमार राय, अभय सिंह, विवेक और पीसीएस डीएस उपाध्याय को नामजद किया था। जीवेश नंदन पर आरोप है कि उन्होंने सितंबर 2011 से लेकर जनवरी 2014 तक खनन विभाग के सचिव और प्रमुख सचिव रहने के दौरान उन्होंने जिलों के डीएम को खनन पट्टे आवंटित करने का आदेश दिया। इसी तरह संतोष कुमार राय ने भी बतौर विशेष सचिव इस पर मुहर लगाई। फतेहपुर के तत्कालीन डीएम अभय और देवरिया के डीएम विवेक ने हाईकोर्ट के आदेश के विपरीत जाकर पट्टाधारकों को खनन पट्टे आवंटित करने की एप्लीकेशन शासन को भेजी। जिससे खनन पट्टों का रिनीवल किया और नये पट्टे जारी होते रहे।

इनके खिलाफ केस होगा दर्ज

फतेहपुर खनन घोटाला

पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति, तत्कालीन प्रमुख सचिव खनन जीवेश नंदन, आईएएस संतोष कुमार राय, फतेहपुर के तत्कालीन डीएम अभय, खनन विभाग के अनुसचिव हरिमोहन झा, पट्टाधारक शिव सिंह, सुखराज व अन्य।

देवरिया खनन घोटाला

देवरिया के तत्कालीन डीएम विवेक, देवरिया के तत्कालीन एडीएम देवी शरण उपाध्याय, देवरिया के तत्कालीन खनन अधिकारी पंकज सिंह व विजय कुमार मौर्या, खनन विभाग का क्लर्क हंसराज, पट्टाधारक फूल बदन निषाद, शारदा यादव, वीरेंद्र यादव, संजय यादव व अन्य।

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छह घंटे हुई पूछताछ

हमीरपुर खनन घोटाले में ईडी ने शुक्रवार को रिटायर्ड आईएएस विवेक वाष्र्णेय से करीब छह घंटे पूछताछ कर उनका बयान दर्ज किया। हमीरपुर के 13 खनन पट्टे उनके द्वारा जारी किए गये शासनादेश के आधार पर आवंटित किए गये थे। ईडी ने जब हमीरपुर की तत्कालीन डीएम बी। चंद्रकला से पूछताछ की थी तो उन्होंने तत्कालीन विशेष सचिव विवेक वाष्र्णेय द्वारा जारी शासनादेश का हवाला दिया था। चंद्रकला ने कहा था कि शासनादेश की वजह से ही उन्होंने खनन पट्टों के आवंटन में अपने विवेक का इस्तेमाल नहीं किया था। यही वजह है कि ईडी ने आज विवेक वाष्र्णेय को तलब करके करीब छह घंटे तक उनके पूछताछ की। इस दौरान वे ईडी के तमाम सवालों का जवाब नहीं दे सके।

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आईएएस के व्हाट्सएप ग्रुप में हड़कंप

खनन घोटाले में चार आईएएस को सीबीआई द्वारा नामजद किए जाने से यूपी कैडर के आईएएस अफसरों के व्हाट्सएप ग्रुप में हड़कंप मचा है। तमाम आईएएस अफसर सीबीआई की इस कार्रवाई को सही नहीं मान रहे हैं और इस मुद्दे पर लामबंद होने की अपील कर रहे हैं। अफसरों की नाराजगी सीनियर आईएएस जीवेश नंदन को आरोपी बनाने को लेकर ज्यादा है क्योंकि उनकी छवि को साफ-सुथरा माना जाता है।


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