सात समंदर पार से फेसबुक पर प्यार चढ़ा परवान

2019-05-20T10:45:40Z

झारखंड के मनोहरपुर के छोटे से गांव उन्धन के 27 वर्षीय युवक से फेसबुक पर हुई दोस्ती के बाद इन दोनों का प्यार परवान चढ़ा

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RANCHI : कहते हैं प्यार अंधा होता है. जिसपे दिल आ गया फिर कास्ट, उम्र या कोई और बंधन आड़े नहीं आता. सिटी में भी इस बात को सच किया है 30 साल की एक विदेशी बाला ने. सात समंदर पार मैं तेरे पीछे पीछे आ गयी..90 के दशक में धूम मचाने वाला यह गाना आज उसे अपना जीवनसाथी चुनने में जरिया बन गया. झारखंड के मनोहरपुर के छोटे से गांव उन्धन के 27 वर्षीय युवक से फेसबुक पर हुई दोस्ती के बाद इन दोनों का प्यार परवान चढ़ा. कुछ दिन के सफर के बाद दोनों ने एक दूसरे को अपना बना लिया.

कोलकाता में रस्म हुई अदा
दोनों का ब्याह कोलकाता के एक शिव मंदिर में छह मई को हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न हुआ. इसके बाद उन्धन में भी बाकी रस्म हिंदू रीति-रिवाज से पूरी कराई गई. अपने घर में विदेशी बहू के आने से दीपक के पिता शिवशंकर महतो, मां मीनाक्षी देवी व परिवार के अन्य सदस्य काफी खुश हैं. यह भी बता दें कि मीनाक्षी देवी मनोहरपुर में इंदिरा आदिवासी महिला विकास समिति की संस्थापक व सचिव हैं.

ओमान में करते हैं जॉब
दीपक ओमान के ग्लोबल रेस्टोरेंट ग्रुप अमेरिकाना में स्टोर मैनेजर है. फिलीपींस निवासी जेनेलिन भी ओमान के सलाला शहर में पर्सनल नर्सिग की नौकरी करती है दोनों की दोस्ती साल 2017 में फेसबुक के जरिए हुई. चैटिंग के जरिए बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ. फिर दोनों छुट्टियों में आपस में मिलने-जुलने लगे. इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे को समझा और शादी करने का डिसीजन लिया.

भारत आने में हुई दिक्कत
शादी को लेकर जेनेलिन को भारत आने में कागजी प्रक्रिया की वजह से काफी दिक्कतें पेश आईं. फिलीपींस एयरपोर्ट पर उसे रोक दिया गया. उसके बाद 8 घंटे का सफर तय कर वह मलेशिया पहुंचीं और वहां से वह कोलकाता आई.

नागरिकता के लिए होगी कोशिश
जेनेलिन की नागरिकता को लेकर दीपक व उनका परिवार कोशिश में जुट गया है. दीपक ने जरूरत पड़ने पर विदेश मंत्री से भी मदद मांगने की बात कही है. वहीं नवदंपती आने वाले समय में अपने गांव उन्धन में ही बसेंगे और कॅरियर की नई शुरुआत करने की बात कही है. जानकारी के अनुसार, जेनेलिन चार बहनों में सबसे छोटी है. उसके पिता फिलीपींस में एक साधारण किसान हैं, वहीं दीपक के पिता भी टीचर हैं.


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