Ginny Weds Sunny Movie review: घिसी-पिटी शादी, घिसा-पिटा दीवाना

Updated Date: Fri, 09 Oct 2020 04:23 PM (IST)

साल में जितने दिन होते हैं उसी अनुपात में देखें तो बॉलीवुड में शादी पर फिल्में बनती रहती हैं। गिन्नी वेड्स सनी भी इसी क्रम में अगली कड़ी है।बॉलीवुड को जब भी शादी पर कहानी दिखानी होती है शायद निर्देशकों के जेहन में केवल पंजाब ही आता है। हर शादी में वे वहीं फ्लेवर देते हैं। इस फिल्म में भी पूरा पंजाबी तड़का है। लेकिन वहीं सबकुछ जो हमने पिछली और भी कई फिल्मों में देखा है। फिल्म में कई पुराने हिट गानों का रिमिक्स है। तनु वेड्स मनु से भी कुछ हद तक इंस्पायर कहानी लगेगी और कुछ-कुछ इंडियन मैचमेकर वाली फिल्म से। पढ़ें पूरा रिव्यु

फिल्म : गिन्नी वेड्स सनी
कलाकार : विक्रांत मेस्सी, यामी गौतम, आयेशा रज़ा , सुहेल नयार
निर्देशक : पुनीत खन्ना
रेटिंग : 2. 5 स्टार
ओटी टी : नेटफ्लिक्स

क्या है कहानी
गिन्नी वेड्स सनी को, आप वर्ष 2007 में आई रोम-कॉम बिकॉज आई शेड शो, का हिंदी वर्ज़न मान सकते हैं। कहानी दिल्ली के बैकड्रॉप पर है। सनी ( विक्रांत ) की जिंदगी में दो ही सपने हैं, एक तो शादी करनी है और अपने पापा की हार्डवेयर की दुकान हड़प करनी हैं, ताकि वह इसे तिलक नगर तंदूरी नाइट्स में बदल सके। लेकिन जब उनसे अपने मन लायक रिश्ता नहीं मिलता है, वह अपने बचपन की दोस्त गिन्नी (यामी गौतम ) की मम्मी (आयशा रज़ा ), जो कि एक प्रोफेशल मैच मेकर हैं, उनके पास पहुंचता है। इसी दौरान गिन्नी और सनी मिलते हैं और बस खेल शुरू हो जाता है, दोनों के बीच प्यार लेकिन मतलब वाला प्यार पनपता है, इसी बीच एक और कैरेक्टर निशांत (सुहेल नयार) की एंट्री होती है। और फिर आता है कहानी में ट्विस्ट। अब सनी और निशांत में कौन गिन्नी का दूल्हा बनता है, बस कहानी ऐसे ही आगे बढ़ती जाती है।

क्या है अच्छा : किरदारों का अभिनय और डायलॉग फनी लिखे गए हैं। निर्देशन अच्छा है और कलाकारों का चुनाव भी।

क्या है बुरा : फिल्म का कांसेप्ट, जबरदस्ती के पंजाबी गाने, पुराने ढर्रे वाली स्टोरी। पहले प्यार मतलब से होगा, फिर मस्ती-मजाक, फिर संस्कार का वहीं रोना और फिर प्यार में मर मिट जाने वाली कसमें। संक्षेप में पूरी कहानी यही है। कहानी कमजोर है।

अदाकारी
यामी गौतम लगातार फिल्मों में निखर रही हैं, पिछली फिल्म बाला में उन्होंने शानदार अभिनय किया था। इस फिल्म में वह पूरी तरह छा गई हैं. उन्हें और फिल्में मिलनी चाहिए। जल्द ही वह निर्देशकों की पहली पसंद बन जाएंगी। विक्रांत तो शानदार एक्टर है ही। वे लगातार फिल्में कर रहे हैं और उन्हें अच्छे मौके मिल रहे हैं। इस फिल्म से उनकी सीरियस किरदार वाली इमेज में थोड़ा बदलाव भी जरूर आएगा। आयशा रज़ा फिल्म की जान हैं।

वर्डिक्ट : फिल्म यामी और विक्रांत के फैंस पसंद करेंगे, लेकिन खास नयापन नहीं है।

Review by: अनु वर्मा

Posted By: Abhishek Kumar Tiwari
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