प्राइवेट से कम नहीं सरकारी हॉस्पिटल

2020-01-17T05:31:02Z

- काल्विन हॅास्पिटल प्रयागराज और पीएचसी प्रतापपुर के साथ डफरिन हॉस्पिटल फतेहपुर को मिला सम्मान

- इनक्वास सर्टिफिकेट लेकर बढ़ाया जिले का मान

PRAYAGRAJ: कामयाबी और सफलता ऐसे ही नहीं मिलती। उसके लिए प्लानिंग और बेहतर कार्यान्वयन की आवश्यकता होती है। यह बात काल्विन हॉस्पिटल के सीएमएस डॉ। वीके सिंह ने कही। वह गुरुवार को लखनऊ में आयोजित सम्मान समारोह में काल्विन हॉस्पिटल को मिलने वाले इन्क्वॉस सर्टिफिकेट को प्राप्त करने गए थे। अपने प्रजेंटेशन में उन्होंने कहा कि लोगों की सोच को बदलना इतना आसान नहीं होता। लोग सोचते हैं कि सरकारी हॉस्पिटल में अच्छी सुविधाएं नहीं मिलती हैं। लेकिन, दिन रात की मेहनत के बाद हमने हॉस्पिटल की क्वालिटी और वर्किंग को पटरी पर लाने का काम किया।

क्या है इन्क्वॉस पुरस्कार

नेशनल क्वालिटी इंश्योरेंस स्टैंडर्ड यानी इन्क्वॉस प्राप्त करने वाले हॉस्पिटल्स को लखनऊ में सम्मानित करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसमें स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव देवेश चतुर्वेदी, एनएचएम एमडी, प्रोजेक्ट मैनेजर डॉ एके पालीवाल ने प्रदेश के 13 हॉस्पिटल्स को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया। इनमें प्रयागराज रीजन के तीन हॉस्पिटल शामिल थे। इनमें डफरिन हॉस्पिटल फतेहपुर, काल्विन हॅास्पिटल प्रयागराज और पीएचसी प्रतापपुर का नाम शामिल था। तीनों ने पिछले दिनों हुए सर्वे में बेहतर परफार्मेस देकर यह सर्टिफिकेट हासिल किया है।

आसान नहीं है सर्टिफिकेट प्राप्त करना

बता दें कि इन्क्वॉस सर्टिफिकेट प्राप्त करना आसान नहीं है। इसके लिए काफी प्लानिंग करनी पड़ती है। एक बार इसका सर्टिफिकेशन हो जाने के बाद सरकार की ओर से हॉस्पिटल का बजट बढ़ा दिया जाता है। जैसे कि काल्विन हॉस्पिटल के प्रति बेड के खर्च में बढ़ोतरी की गई है। इसी तरह पीएचसी प्रतापपुर ने भी प्रदेश में बेहतर पीएचसी होने का गौरव प्राप्त किया है। इस सर्टिफिकेट को प्राप्त करने के लिए इन्क्वॉस में आवेदन करना पड़ता है और फिर भ्रमण करने वाली टीम के सामने हॉस्पिटल को मॉडल के रूप में पेश करना होता है।


Posted By: Inextlive

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