कमीशन की रकम ट्रांसफर होने वाले अकाउंट्स ईओडब्ल्यू के राडार पर

2019-11-17T15:04:42Z

पीएफ घोटाले में ब्रोकर अकाउंटर होल्डर्स से पूछताछ कर घोटाले में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने की कवायद जारी है

लखनऊ (ब्यूरो)। बिजली विभाग के अधिकारियों व कर्मियों की पीएफ की रकम को प्राइवेट कंपनी डीएचएफएल में निवेश के एवज में मिली कमीशन की रकम की बंदरबांट पर ईओडब्ल्यू की नजर गड़ गई है। इसके लिये ईओडब्ल्यू ने कमीशन की रकम जिन बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर की है, उन्हें राडार पर ले लिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि इन ब्रोकर फर्मों के संचालकों से पूछताछ के बाद घोटाले में शामिल अन्य अधिकारियों की मिलीभगत का भी पता चल सकता है।
करोड़ों के कमीशन का वारा-न्यारा

गौरतलब है कि बिजली अधिकारियों व कर्मियों के पीएफ की रकम निजी कंपनी डीएचएफएल में निवेश कराने में ब्रोकर फर्मों ने करोड़ों रुपये की दलाली का वारा-न्यारा हुआ था। घपले की साजिश में अहम कड़ी निकले तत्कालीन सचिव ट्रस्ट पीके गुप्ता के बेटे अभिनव गुप्ता को ईओडब्ल्यू ने लंबी छानबीन के बाद गुरुवार को अरेस्ट कर लिया था। ईओडब्ल्यू ने अभिनव के साथ इनफो लाइन नाम से फर्जी ब्रोकर फर्म संचालित करने वाले आशीष चौधरी को भी अरेस्ट किया था। इसके साथ ही घोटाले में शामिल अब तक कुल पांच आरोपियों की अरेस्टिंग की जा चुकी है। हालांकि, अब ईओडब्ल्यू घोटाले में शामिल अन्य लोगों की पड़ताल पर सारा ध्यान लगा रही है।
दूसरे अकाउंट्स में ट्रांसफर की रकम
अब तक की जांच में  पता चला है कि आशीष को इस रकम से करीब 60 लाख रुपये मिले थे। शेष रकम उसने अभिनव गुप्ता द्वारा बताए गए कुछ खातों में ट्रांसफर कर दी थी। सूत्रों ने बताया कि अब तक की जांच में डीएचएफएल द्वारा ब्रोकर फर्मों को 60 से 65 करोड़ रुपये दिये जाने की बात सामने आ चुकी है। यह रकम अलग-अलग किस्तों में 14 खातों में भेजी गई थी। जांच एजेंसी अब इन सभी खातों व उनके संचालकों की और गहनता से छानबीन में जुट गई है। आशंका है कि कमीशन की और रकम का ट्रांजेक्शन अन्य खातों में भी हुआ है। उल्लेखनीय है कि पीएफ घोटाले की जांच में 14 ब्रोकर फर्मों की भूमिका सामने आ चुकी है। अब ईओडब्ल्यू की जांच की सुई इन ब्रोकर फर्मों के अकाउंट्स पर टिक गई है। सूत्रों का कहना है कि ईओडब्ल्यू अब पश्चिमी यूपी के पतों पर रजिस्टर्ड इन ब्रोकर फर्मों के संचालकों से पूछताछ कर इस घोटाले में शामिल अन्य लोगों की मिलीभगत का पता लगाने की कोशिश में जुट गई है।
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Posted By: Vandana Sharma

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