COVID-19 वैक्सीन की कमी दूर करने को इंपोर्ट नियमों में ढील, बड़े वैक्सीन निर्यातक से आयातक बनने जा रहे भारत से दुनिया चिंतित

भारत में कोविड-19 से संक्रमण के रिकाॅर्ड मामले सामने आ रहे हैं। वैक्सीन की कमी दूर करने के लिए भारत सरकार आयात नियमों में ढील देने को मजबूर है। इससे करोड़ों वैक्सीन के निर्यात अब बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। अफ्रीकी देशों में वैक्सीन की आपूर्ति में कमी से चिंता है।

Updated Date: Fri, 16 Apr 2021 04:52 PM (IST)

नई दिल्ली (राॅयटर्स)। कोविड-19 वैक्सीन की करोड़ों डोज दूसरे देशों में बतौर गिफ्ट या बिक्री के बाद भारत अब खुद वैक्सीन की कमी से जूझ रहा है। भारत में अचानक तेजी से कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले सामने आने लगे हैं। इससे नोवल कोरोना वायरस से दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा प्रभावित देश में कोविड-19 वैक्सीन की कमी हो गई है। भारत में पहली बार बृहस्पतिवार को एक दिन में संक्रमण के मामले 2,00,000 पार कर गए।फास्ट ट्रैक वैक्सीन इंपोर्ट को मंजूरी
भारत की कोशिश है कि वह वैक्सीन का उत्पादन घरेलू उपयोग के लिए करे। लाॅकडाउन पाबंदियों में ढील देने के बाद मामलों में तेजी आई तथा अस्पतालों में क्षमता से अधिक मरीज आ रहे हैं। भारत में तेजी से आयात नियम बदले जा रहे हैं। विदेशी वैक्सीन निर्माता फाइजर को शुरू में मंजूरी देने से मना कर दिया गया था लेकिन अब फास्ट ट्रैक वैक्सीन इंपोर्ट नीति को मंजूरी दी जा रही है। इस महीने के आखिर में भारत स्पूतनिक-5 वैक्सीन का आयात शुरू कर देगा ताकि 12.5 करोड़ लोगों को टीका लगाया जा सके।

Posted By: Satyendra Kumar Singh
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