पत्रकार खाशोग्गी के बेटे ने सऊदी से पिता के शव को लेकर की भावुक गुहार

2018-11-05T11:38:38Z

सऊदी पत्रकार जमाल खाशोग्गी के बेटे ने सऊदी अरब से अपने पिता के शव को लेकर भावुक गुहार लगाई है। उनका कहना है कि उनके पिता के शव को वापस किया जाये।

वाशिंगटन (आईएएनएस)। इस्तांबुल में सऊदी अरब के दूतावास में मारे गए पत्रकार जमाल खाशोग्गी के बेटों ने अपने पहले इंटरव्यू के जरिये अपने पिता के शव की वापसी के लिए भावनात्मक अपील जारी की है। अपने पिता को साहसी, उदार और बहुत बहादुर कहने वाले सलह और अब्दुल्ला खाशोग्गी ने रविवार की रात सीएनएन को बताया कि उन्होंने अपने पिता के गायब होने और उनके मृत्यु के बाद काफी दिक्कतों का सामना किया है। 33 वर्षीय अब्दुल्ला खाशोग्गी ने अपने भाई 35 वर्षीय सलह के साथ इंटरव्यू के दौरान समाचार चैनल को बताया, 'मुझे सच में उम्मीद है कि जो कुछ भी उनके साथ हुआ वो दर्दनाक नहीं होगा। उन्हें शांतिपूर्ण मौत मिली होगी।'

मदीना में दफनाना चाहते हैं पिता को

दोनों भाइयों ने कहा कि पिता के शरीर के बिना उनका परिवार ये मानने को तैयार नहीं कि उनकी असल में मौत हो गई है। इसलिए उन्हें जल्द से जल्द अपने पिता का शव चाहिए। सलह ने कहा, 'हमारा पूरा परिवार पिता को अभी मदीना (सऊदी अरब) के अल-बाकी (कब्रिस्तान) में दफनाना चाहता है। मैंने सऊदी अधिकारियों से इस बारे में बात की है और मुझे उम्मीद है कि यह जल्द ही होगा।' बता दें तुर्की में अधिकारी अभी भी पत्रकार के अवशेषों की खोज कर रहे हैं। अब्दुल्ला और सलह ने सीएनएन को बताया कि राजनीतिक कारणों से उनके पिता को गलत समझा गया था और जानबूझकर उन्हें गलत ठहराया गया। बता दें कि पिछले हफ्ते इस्तांबुल के मुख्य अभियोजक ने बुधवार को बताया कि खाशोग्गी को वाणिज्य दूतावास में प्रवेश करने के तुरंत बाद मार दिया गया था और उन्हें छुपाने के लिए उनके शरीर के टुकड़े टुकड़े कर दिए गए। इसके बाद तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तय्यिप एर्दोगन ने शुक्रवार को कहा कि सऊदी पत्रकार जमाल खाशोग्गी को मारने का आदेश सऊदी सरकार के उच्चतम स्तर से आया था।

तलाक के पेपर्स लेने गए थे दूतावास

गौरतलब है कि 59 वर्षीय अनुभवी पत्रकार, जमाल खाशोग्गी 2 अक्टूबर को इस्तांबुल में सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास में प्रवेश करने के बाद गायब हो गए थे। वे वहां अपने तलाक के दस्तावेजो को लेने के लिए गए थे।सऊदी सरकार ने शुरू में कहा था कि वह पीछे के दरवाजे से वाणिज्य दूतावास से निकले थे लेकिन वैश्विक आक्रोश के बाद सऊदी अरब ने स्वीकार किया कि उनके एजेंटों ने खशोग्गी को मार दिया।

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