पर्यटन विभाग को लगातार धोखा दे रही थी केसी इंफ्रा एेसे थी सरकारी जमीन हड़पने की थी तैयारी

2018-12-10T13:45:24Z

इंवेस्टर्स समिट में राज्य सरकार के साथ धोखाधड़ी एमओयू करने वाली केसी इंफ्राबिल्ड के फर्जीवाड़े की परतें दिन ब दिन उधड़ती जा रही है।

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LUCKNOW: केसी इंफ्राबिल्ड ने निवेशकों के साथ पर्यटन विभाग के अफसरों को भी लगातार गुमराह करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। एमओयू साइन करने के बाद उसने पर्यटन विभाग के अफसरों के पत्रों का जवाब देना तक बंद कर दिया था। इनमें डीजी पर्यटन अवनीश कुमार अवस्थी का वह रिमाइंडर भी शामिल है जो कंपनी को आठ जगहों पर फाइव स्टार होटल बनाने की डीपीआर जमा करने से संबंधित था।

शुरू से छुपा रहे थे जानकारियां

दरअसल इंवेस्टर्स समिट में एमओयू साइन करने के बाद विगत नौ मार्च 2018 को प्रमुख सचिव एवं डीजी पर्यटन अवनीश कुमार अवस्थी ने केसी इंफ्राबिल्ड को भेजे पत्र में कहा कि वह आठ प्रमुख पर्यटन स्थलों पर लो बजट फाइव स्टार होटल विद हैलीकॉप्टर कनेक्टिविटी के निर्माण कार्य के लिए डीपीआर, प्रारंभिक रिपोर्ट, कंपनी का प्रोफाइल, एरिया ऑफ बिजनेस, फाइनेंशियल टर्नओवर, प्रोजेक्ट की लोकेशन, ऐसे ही प्रोजेक्ट्स का अनुभव, डेबिट प्रोफाइल, जमीन की आवश्यकता, नेचर ऑफ लैंड (सरकारी अथवा निजी) और किसी अन्य सुविधा के लिए जानकारियां विभाग को मुहैया कराए।
जवाब देने की जहमत नहीं उठाई
इस पत्र का कोई जवाब नहीं मिलने पर पर्यटन मुख्यालय पर तैनात क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी कल्याण सिंह ने भी 24 मई 2018 को केसी इंफ्राबिल्ड को पत्र लिखकर तत्काल ये जानकारियां मुहैया कराने को कहा पर कंपनी के एमडी विजय कुमार मिश्र ने इसका कोई जवाब देने की जहमत नहीं उठाई। इसकी वजह से इन महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों पर लो बजट फाइव स्टार होटल का काम शुरू होने में खासा विलंब होने लगा जिससे अधिकारियों की परेशानी बढ़ गयी और वे इसका उपाय भी तलाशने लगे। इससे पहले कि वह केसी के खिलाफ कोई एक्शन लेते, दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने कंपनी के फर्जीवाड़े का खुलासा कर दिया।
जमीन लेने की फिराक में
पर्यटन विभाग के अफसरों की मानें तो केसी इंफ्राबिल्ड एमओयू साइन करके होटल के नाम पर सस्ती दरों पर सरकारी जमीन लेने की फिराक में था। पर्यटन नीति के मुताबिक उसे इस पर स्टैंप ड्यूटी भी नहीं चुकानी थी। सूत्र बताते हैं कि जब केसी इंफ्राबिल्ड को यह पता चला कि फिलहाल पर्यटन विभाग के पास देने के लिए सरकारी जमीन नहीं है तो उसने चुप्पी साध लेने में ही अपनी भलाई समझी क्योंकि कंपनी के पास इतनी रकम नहीं थी कि वह होटल के लिए प्राइवेट जमीन को खरीद पाती।
नोएडा में हुई हाईप्रोफाइल पार्टी
केसी इंफ्रा और ग्रोवेल से ठगे गये निवेशकों की मानें तो कंपनी ने रकम बटोरने के लिए नोएडा के दो आलीशान होटलों में हाईप्रोफाइल पार्टी भी आयोजित की थी। इसमें पर्यटन स्थलों पर बनने वाले फाइव स्टार होटल का प्रेजेंटेशन दिखाकर उन्हें लुभाया भी गया था। केसी ने निवेशकों को बताया कि उसके तमाम जगहों पर प्रोजेक्ट्स चल रहे है। लखनऊ में दो टाउनशिप भी शुरू होने जा रही है। जब इसकी पड़ताल की गयी तो पता चला कि दोनों टाउनशिप का ऐलान एक ही जमीन पर किया गया था और वह भी खरीदी नहीं गयी थी।

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