हम सभी कभी ना कभी किसी बात से अवसाद डिप्रेशन में घिर जाते हैं। कुछ बातें ऐसी होती हैं जो हमें डिप्रेस कर देतीहैं लेकिन इसका मतलब ये नहीं हें कि हम सदा के लिए अवसादग्रसत हो जायें। अवसाद वैसे एक सामान्‍य मानसिक अवस्‍था है और इसके लक्षधों को पहचान कर अपनी इच्‍छा शक्‍ति से हम इससे उबा सकते हैं। लेकिन हमें खुद ही इससे निकलने का प्रयास करना होगा और इसके लिए इसके लक्षणें को पहचानना जरूरी है। आइए जानें अवसाद के कुछ खास लक्षण।

अकेलापन
जब भी आप लोगों से दूर होने लगें और आपको अकेले रहने का मन करने लगे तो ये अवसाद का लक्षण है और इसे पनपने ना दें। लोगों से घुले मिलें और अपनी पसंद के कार्यों में दिल लगायें।
चिड़चिड़ाना
छोटी छोटी बातों का बुरा मान जाना और चिड़ जाना। हरेक को अपने खिलाफ मान कर नाराज हो जाना ये भी अवसाद की पहचान हैं। अगर आपके अपने इस बात के लिए आपको चेतायें तो फौरन इससे किनारा करने की कोशिश करें।
उत्साह खत्म होना
अगर आपका अपने पसंदीदा स्पोर्टस से लेकर किसी भी एक्टिविटी में मन ना लगे, यहां तक रोमांस और सेक्स से भी अरुचि होने लगे तो समझािये आप तेजी से अवसाद के शिकंजे में फंस रहे हैं। अपने अंदर जबरन उत्साह पैदा करिए कुछ समय बाद आप इससे उबर पायेंगे।
नींद का संतुलन बिगड़ना
नींद का जरूरत से ज्यादा आना या बिलकुल ना आना या रात के बीच में अचानक नींद खुल जाना और बेचैनी होना भी बीमारी नहीं अवसाद के कारण हो सकता है। इसके लिए अपने रुटीन पर ध्यान दें और उसे नियमित करने की कोशिश करें। नींद भी नियमित हो जायेगी।

वजन का घटना बढ़ना और खाने से अरुचि होना
जरूरत से ज्यादा डिप्रेशन में आये व्यक्ति का वजन या तो बहुत तेजी से घट जाता है या बढ़ जाता है। ऐसा ही भूख के साथ होता है या तो भूख बहुत बढ़ जाती है या एकदम गायब हो जाती है। किसी भी खाने की चीज में स्वाद नहीं आता। ऐसे में खाना ना छोड़ें और जो मन करे वो खायें फिर चाहे वो चूरन चटनी या और कोई ऐसी ही चीज हो। रोजमर्रा के खाने की जगह कुछ दूसरी चीजें खाने का मन करे तो वो खायें।
बेचैन और उलझे हुए रहना
अवसाद ग्रस्त व्यक्ति हमेशा बेचैन रहने लगता है उसे कोई ना कोई उलझन घेरे रहती है। उसे लगता है कि ये परेशानियां कभी खत्म नहीं होंगी, इस वजह से वो कभी खुश नहीं होता। ये बड़ा महत्वपूर्ण मोड़ है और इससे अवसाद ग्रस्त इंसान खुद ही निकल सकताहै। उसे अपना आत्मविश्वास बढ़ाना होगा और मानना होगा कोई भी परेशानी ऐसी नहीं होती जिससे उबरा ना जा सके। ऐसे व्यक्ति सबसे गलत बयानी करते हें और सच नहीं स्वीकारते लिहाजा या तो कोई अच्छा मनोचिकित्सक उनकी मदद कर सकता है या वे खुद।
लाइलाज नहीं है अवसाद
याद रखें अवसाद ऐसा रोग नहीं जिसका इलाज ना हो सके पर इसके अवसाद ग्रस्त शख्स को अपना आत्मविश्वास बनाये रखना होगा और नकारात्मक सोच से बाहर निकलना होगा। उसे अपने अपनों पर विश्वास करना होगा और उसके इर्दगिर्द लोगों को हमेशा उसका हौंसला बढ़ाना होगा।

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Posted By: Molly Seth