एक ऐसी बाइक जिसे चलाने का एक्सपीरियंस अपने आप में किसी थ्रिल की तरह हो कुछ ऐसा ही मैजिक क्रिएट करती है केटीएम ड्यूक 390. परफॉर्मेंस और प्राइस रेंज के मामले में भी फिलहाल इस बाइक के लिए कॉम्पटिशन कम ही नजर आता है. क्या खास है इस बाइक में और क्या इसमें बेहतर किया जा सकता था आइए जानते हैं...

Styling, build and finish
यह सच है कि ड्यूक 390 की डिजाइन और प्लास्टिक से लेकर इसका ऊंचा टैंक, नीची सीट, स्टिकर्स और इसमें यूज किए गए पेंट जैसी कई चीजें काफी हद तक ड्यूक 200 जैसी ही हैं. कई लोगों को यह इसका माइनस प्वॉइंट लग सकता है. हालांकि बजाज अपनी पल्सर 150 और 180 के साथ यह ट्रेंड पहले ही फॉलो कर चुका है. अपीयरेंस के मामले में ड्यूक 390 पर थोड़ी और मेहनत की जा सकती थी, खासकर इसकी वायरिंग पर. बाइक से बाहर निकले केबल्स इसके क्लीन लुक में रुकावट साबित होते हैं. व्हील्स पर यूज किया गया  कलर इन केबल्स को और ज्यादा विजिबल बना देता है. ओवरऑल इस बाइक का लुक काफी फ्लैशी है और यह सभी का ध्यान अपनी ओर खींचती है.

Handling and braking

ड्यूक 200 और 390 की चेसिस सेम है पर इसके टायर्स में चेंज किया गया है, इस बाइक में एमआरएफ के इम्पोर्टेड टायर्स ‘मेटज्लर्स’ का यूज किया गया है. बे्रक्स के मामले में इसमें बॉश की लेटेस्ट एबीएस टेक्नोलॉजी का यूज किया गया है. गीली रोड पर इस बाइक के टायर्स की ग्रिप काफी अच्छी रहती है. इन टायर्स की असली खासियत तब नजर आती है जब आप बाइक को खराब रोड्स पर चलाते हैं. नए राइडर्स के लिहाज से इसके ब्रेक्स काफी अच्छे हैं, इनका रिस्पांस काफी अच्छा है. ‘फास्ट एंड हार्ड’ स्टॉप्स पर भी टायर्स रोड पर अपनी ग्रिप नहीं छोड़ते हैं.

Ride quality

ऑस्ट्रेलियन मैन्युफैक्चरर केटीएम ने अपनी इंडियन बाइक्स की सेटिंग में थोड़े चेंजेस किए हैं. हमारी रोड्स के मुताबिक यह बाइक थोड़ी सॉफ्ट लगती है, जो थोड़ी ज्यादा खराब रोड्स पर इसकी परफॉर्मेंस को लेकर डाउट्स क्रिएट करता है. कई लोगों को इसके स्टिफ और स्पोर्टी लुक से भी प्रॉब्लम हो सकती है. हालांकि यह बात भी सच है कि एक फास्ट और शार्प मशीन का स्टिफ होना भी जरूरी होता है. खराब रोड्स पर भी आपको ऐसी कोई फीलिंग नहीं आएगी कि आप किसी तरह का डैमेज फेस करने वाले हैं.
Engine and performance  
इस बाइक में सिंगल सिलेंडर इंजन का यूज किया गया है और जिसकी आवाज थोड़ी हेवी है. यह कहना गलत नहीं होगा कि ड्यूक 200 का इंजन इससे ज्यादा स्मूद है. इकोनॉमी टेस्ट के मामले में, हाइवे पर 80 किमी पर आवर की स्पीड पर ड्यूक 390 थोड़ी शेक करती हुई सी फील होती है पर जैसे ही आप 100 की स्पीड टच करते हैं, यह बाइक ज्यादा स्मूद और कम्फर्टेबल हो जाती है. इस बाइक की असली परफॉर्मेंस अच्छी स्पीड पर ही पता चलती है. हो सकता है कि सिटी में आपको सिक्स्थ गियर पर जाने के मौके भी कम मिलें पर इस बाइक का राइडिंग एक्सपीरियंस शानदार है. आपको ऐसा फील होगा जैसे आप अपनी एक्चुअल स्पीड से तेज बाइक चला रहे हैं.
Specification

Engine
Type                  373.2 cc 4-per cylinder, DOHC, Single cylinder, 4-stroke, liquid-cooled
Power                43.5 bhp at 9000 rpm
Torque               3.57 kgm at 7000 rpm
   
Transmission   
Type                  6-speed,     1-down, 5-up

Dimensions 
 
Wheel base           1367 +/-15 mm
Ground clearance    172 mm

Chassis & Body

Construction    Steel trellis, powder coated
Weight           154 kg
Wheels           17 inch alloy
Tyres              110/70 x 17- 150/60 x17 inches

Suspension

Front            WP, 43 mm upside down forks
Rear            Alloy swingarm, adjustable monoshock
Brakes
Front           Four piston, radial mounted caliper, 300 mm disc (ABS)
Rear            Single piston, 230 mm disc (ABS)
Anti-lock      Bosch 9MB two channel
Tank size     10.2L


Why Duke is special?

The orange trellis frame is identical to the 200 and the only difference in chassis terms are ABS-equipped brakes and the amazing Metzeler tyres.What really impresses is how confident it is when the surface is half-wet, half-dry and has some dirt on it as well.Over really bad roads, you either have to slow right down or work around a jittery-skittery feeling while the 390 hops about trying to absorb the punishment.Once the revs cross 4000 rpm, you are at the beginning of an epic mid-range.The performance is unprecedented, the economy is good enough to not be a headache. Posted By: Surabhi Yadav