आ देखें जरा किसमे कितना है दम टी20 मैच की तरह इन सीटों पर होगी भिड़ंत

2019-04-09T10:32:28Z

वेस्ट से लेकर ईस्ट यूपी तक की इन तमाम सीटों पर चुनाव नतीजे किसके पक्ष में रहेंगे यह देखना दिलचस्प होगा। आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही मुकाबलों के बारे में

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LUCKNOW: यूं तो हर चुनाव में आपको कई सीटों पर रोचक मुकाबला देखने को मिलता है पर इस बार मामला कुछ अलग है। सूबे की कई सीटों पर ऐसे उम्मीदवार मैदान में हैं जो चुनाव के दौरान अपने प्रदर्शन से टी-20 मैच की तरह जनता को रोमांचित करेंगे। चुनाव के नतीजे आने के दौरान वोटों की गिनती उनके समर्थकों की धड़कनों को बढ़ा देगी। वेस्ट से लेकर ईस्ट यूपी तक की इन तमाम सीटों पर चुनाव नतीजे किसके पक्ष में रहेंगे, यह देखना दिलचस्प होगा। आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही मुकाबलों के बारे में...
सीट : रामपुर
मुकाबला : जयप्रदा, बीजेपी
आजम खां, सपा   
चुनाव पर भारी पुरानी दुश्मनी

वेस्ट यूपी की रामपुर सीट पर इस बार मशहूर अभिनेत्री जयाप्रदा भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं तो उनका मुकाबला सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी और उनके धुर-विरोधी आजम खां से है। वहीं कांग्रेस के संजय कपूर भी लड़ाई को दिलचस्प बना रहे हैं। रामपुर में तीनों नेताओं के बीच कांटे की टक्कर होने की संभावना जताई जा रही है और हार-जीत का अंतर बेहद कम होने की चर्चा है।
सीट - फिरोजाबाद
मुकाबला -  शिवपाल सिंह यादव, प्रसपा
अक्षय यादव, सपा  
चाचा-भतीजा का दिखेगा मुकाबला

रामपुर की तरह फिरोजाबाद सीट पर भी इस बार ऐसा मुकाबला होगा जो कई दशकों तक लोगों के जेहन में रहेगा। दरअसल यहां पर चाचा और भतीजा आमने-सामने है। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने अपने ही भतीजे मौजूदा सांसद अक्षय यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सपा के लिए इस सीट पर अपनी पकड़ बनाए रखना उसकी साख से जुड़ गया है।

सीट- सहारनपुर
मुकाबला- राघव लखनपाल, बीजेपी
हाजी फजलुर्ररहमान, सपा-बसपा गठबंधन
फायरब्रांड नेताओं पर भरोसा

बीते एक दशक में सहारनपुर सीट ने कई उतार-चढ़ाव देखे। यहां पर भाजपा सांसद राघव लखनपाल को शिकस्त देने के लिए सपा-बसपा गठबंधन ने हाजी फजलुर्ररहमान को जबकि कांग्रेस ने अपने फायर ब्रांड नेता इमरान मसूद को चुनाव मैदान में उतारा है। वहीं भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर भी चुनाव नतीजों पर असर डाल सकते है। यह सीट बसपा किसी भी कीमत पर जीतना चाहती है।
सीट- बदायूं
मुकाबला- धर्मेंद्र, सपा
संघमित्रा मौर्य, बीजेपी
धर्मेंद्र यादव की घेराबंदी

बदायूं सीट भाजपा पिछले चुनाव में भी नहीं जीत सकी थी और सपा ने अपनी बादशाहत बरकरार रखी थी। इस बार भी भाजपा यह सीट सपा से छीनना चाहती है लिहाजा उसने अपने कद्दावर नेता स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा मौर्य को टिकट दिया है। वहीं कांग्रेस ने अपने वरिष्ठ नेता सलीम इकबाल शेरवानी को चुनाव मैदान में उतारा है ताकि वर्तमान सांसद धर्मेंद्र यादव को हराया जा सके।
सीट - उन्नाव
मुकाबला- साक्षी महाराज, बीजेपी
अन्नू टंडन, कांग्रेस
पूजा पाल, सपा बसपा गठबंधन   

दो महिलाओं से साक्षी महाराज का मुकाबला
तमाम जद्दोजहद के बाद भाजपा सांसद साक्षी महाराज उन्नाव सीट से दोबारा टिकट तो पा गये पर इस बार उनको जीतने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है। यह सीट अपने कब्जे में करने के लिए कांग्रेस और सपा-बसपा गठबंधन ने खास रणनीति बनाई है। कांग्रेस ने पूर्व सांसद अन्नू टंडन पर फिर भरोसा जताया है तो सपा बसपा गठबंधन ने पूजा पाल को प्रत्याशी बनाया है।
सीट-रायबरेली
मुकाबला-सोनिया गांधी, कांग्रेस
दिनेश प्रताप सिंह, भाजपा
पुराना सिपाही लगाएगा सेंध

रायबरेली सीट यूं तो हमेशा कांग्रेस के कब्जे में ही रहती है पर इस बार भाजपा ने कांग्रेस के पुराने सिपाही को ही इस सीट पर उतारकर नये समीकरणों को जन्म दिया है। गांधी परिवार के करीबी माने जाने वाले एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह भाजपा के टिकट पर सोनिया गांधी को चुनौती देने जा रहे हैं। इस सीट पर अगर कोई बड़ा उलटफेर हुआ तो यह दोनों दलों के लिए एक बड़ा संदेश होगा।
सीट - अमेठी
मुकाबला- राहुल गांधी, कांग्रेस
स्मृति ईरानी, बीजेपी
नये तेवर में स्मृति ईरानी

पिछले चुनाव में अमेठी सीट पर राहुल गांधी को टक्कर देने वाली भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी इस बार फिर से दावेदार हैं। पांच साल के दौरान स्मृति ईरानी ने अमेठी में लगातार दौरे करके समर्थन जुटाया तो राहुल और प्रियंका भी अमेठी पर पूरी नजर बनाए रहे। अब राहुल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन चुके हैं और यह सीट बचाना उनकी और पार्टी की पहली चुनौती बन गया है।
सीट- फैजाबाद
मुकाबला- लल्लू सिंह, बीजेपी
निर्मल खत्री, कांग्रेस
पुराने धुरंधर मैदान में

फैजाबाद सीट पर एक बार फिर पुराने धुरंधर मैदान में है। भाजपा ने वर्तमान सांसद लल्लू सिंह को फिर से टिकट दिया है तो सपा-बसपा गठबंधन की ओर से पूर्व मंत्री आनंद सेन प्रत्याशी बनाए गये है। कांग्रेस ने अपने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व सांसद निर्मल खत्री को चुनाव मैदान में उतारा है। यह सीट भी भाजपा किसी भी सूरत में किसी दूसरे दल को जीतने नहीं देगी।
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सीट- आजमगढ़
मुकाबला- अखिलेश यादव, सपा-बसपा गठबंधन
दिनेश कुमार यादव 'निरहुआ ', बीजेपी
पिता की सीट है बचानी

आजमगढ़ सीट पर इस बार सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव खुद चुनाव लडऩे जा रहे हैं तो भाजपा ने भोजपुरी एक्टर दिनेश कुमार यादव 'निरहुआÓ को टिकट दिया है। पिछले चुनाव में यह सीट सपा अध्यक्ष रहे मुलायम सिंह यादव ने बड़े अंतर से जीती थी लिहाजा अखिलेश के सामने भी ऐतिहासिक जीत दर्ज करने की चुनौती है। कांग्रेस ने इस सीट पर फिलहाल प्रत्याशी नहीं उतारा है।



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