आगरा में कलेक्ट्रेट के मोबाइल टॉवर पर चढ़ी महिला आत्मदाह की धमकी

2016-10-05T07:41:05Z

- केरोसिन की केन लेकर कलेक्ट्रेट में मोबाइल टॉवर पर चढ़े मयूरी चालक

- एमजी रोड पर मयूरी के संचालन की मांग, जाम के चलते लगी है रोक

आगरा। हमारी मयूरियों को एमजी रोड पर चलने दिया जाए, नहीं तो हम आग लगाकर जान दे देंगे। टॉवर से कूद जाएंगे। कलेक्ट्रेट में मांगों को लेकर मंगलवार को मयूरी चालकों का ऐसा ही प्रदर्शन किसी ब्लैकमेलिंग से कम नहीं लग रहा था। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। मनाने का दौर शुरू हो गया। बाद में लिखित आश्वासन देकर करीब चार घंटे बाद टॉवर पर केरोसीन केन लेकर चढ़े महिला-पुरुष चालक को नीचे उतारा गया। गौरतलब है कि शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली एमजी रोड पर जाम के झाम को दूर करने के लिए मूयरी को बैन किया हुआ है।

मांग मनवाने को टॉवर का सहारा

थाना एत्मादउद्दौला निवासी मयूरी चालक पूनम दुबे और रिंकू सुबह कलेक्ट्रेट पहुंचे। अपनी मांगों को लेकर परिसर में सुबह करीब 9.45 बजे मोबाइल मोबाइल टॉवर पर चढ़ गए। चीख के कहने लगे कि या तो जिला प्रशासन उनकी मांग मान ले नहीं, तो वे आग लगाकर जान दे देंगे। यह सुन पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। कलेक्ट्रेट में लोगों का मजमा लग गया। प्रशासन और पुलिस उन्हें मनाने लगे। वे किसी की सुनने को तैयार नहीं थे। मयूरी चालकों का कहना था कि उनकी आय का जरिया केवल मयूरी है, जिन्हें जिला प्रशासन चलाने नहीं दिया जा रहा है। जिसके कारण परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल ही नहीं, बल्कि नामुकिन हो रहा है। अगर उनकी मयूरी नहीं चलने दी तो वे मजबूरी में कोई भी कदम उठाने को विवश होंगे।

डीएम को बुलाने पर अड़े

मोबाइल टॉवर पर चढ़ी पूनम और रिंकू को उतारने जाने के लिए एसीएम प्रथम रजनीश मिश्रा और रोहित यादव जुटे रहे, लेकिन वे उनकी बात सुनने को तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि डीएम को बुलाया जाए, तभी वे उतरेंगे। इसके बाद उन्होंने लिखित में आश्वासन देने की बात कहीं। एसीएम प्रथम ने लिखित में आश्वासन दिया कि वे जिलाधिकारी के साथ मीटिंग कर इस समस्या का हल कराएंगे। इसके बाद ही पुलिस ने उन्हें हाईड्रोलिक मशीन से नीचे उतारा।

पुलिस करती है उत्पीड़न

पूनम और रिंकू का कहना था कि पुलिस उनका उत्पीड़न करती है। जो एमजी रोड पर मयूरी चलाने के लिए पैसे दे देते हैं, उनकी मयूरी चल रहीं हैं। पैसा न देने वालों की एक भी मयूरी नहीं चलने दी जाती है। मयूरी एसोसिएशन के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत दुबे ने बताया कि दो अक्टूबर को टेढ़ी बगिया निवासी सुमित अपनी जान दे बैठा है। उन्होंने बताया कि भगवान टॉकीज पर पुलिस ने उससे पांच सौ रुपये ले लिए थे। जब वह घर पहुंचा तो उससे पैसे मांगे गए, उसके पास पैसे नहीं थे। इसे लेकर घर में झगड़ा हो गया, जिसके कारण उसने बिजली का तार पड़क लिया और जान दे दी।

एसपी ट्रैफिक का स्टाप करता है परेशान

उन्होंने एसपी टै्रफिक के स्टाफ पर भी गंभीर आरोप लगाए। कहा कि रुपये नहीं दिए जाने पर मारने- पीटने की धमकी देते हैं। पुलिस लाइन में उन्हें पकड़कर ले जाया जाता है। वहां पर पांच-पांच हजार रुपये लिए जाते हैं, जिसकी उन्हें कोई रसीद नहीं दी जाती है। उनकी मांग थी कि महिलाओं के साथ कुल 70 मयूरी एमजी रोड पर चलाए जाने की अनुमति दी जाए। इस शर्त पर जिला प्रशासन तैयार नहीं है।

मांगी थी सूची

मयूरी चालकों ने महिलाओं को एमजी रोड पर मयूरी चलाए जाने की अनुमति देने के लिए जिलाधिकारी से मांग की थी। इसके साथ ही दिव्यांगों के लिए भी अनुमति देने को कहा था। इस पर जिलाधिकारी ने महिला और दिव्यांगों की सूची भी मांगी थी। जो कि आज तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।

बॉक्स

इर्द-गिर्द ही स्थित हैं हॉस्पिटल

एमजी रोड को यूं ही लाइफलाइन नहीं कहा जाता। एमजी रोड के इर्द-गिर्द इमरजेंसी के साथ ही शहर के प्रमुख हॉस्पिटल हैं। ऑटो और मयूरी के कारण अक्सर एमजी रोड पर जाम लग जाता था। जिसके कारण एम्बुलेंस और गंभीर रूप से बीमार लोगों को ले जाने वाले अन्य वाहन फंस जाते थे। इन्हीं परेशानी और समस्याओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने पहले ऑटो के संचालन पर रोक लगाई थी। इसके बाद मयूरी पर शिकंजा कसा था। इसका असर भी देखने को मिला। एमजी रोड से ट्रैफिक का बोझ कम हुआ।

इस प्रकार रहा घटनाक्रम

- सुबह करीब 9.45 बजे महिला समेत तीन लोग मोबाइल टॉवर पर चढे़।

- 9.50 पर लक्ष्मीकांत उतर आया

- 10 पुलिस मौके पर पहुंची

- करीब 10.30 एसीएम प्रथम व चर्तुथ पहुंचे

- 12 हाईड्रोलिक मशीन पहुंच गई

- 1.50 पर नीचे जाल लगाया गया

- 2 बजेहाईड्रोलिक मशीन के जरिए उन्हें उतारा गया

वर्जन

मयूरी एमजी रोड पर किसी भी हाल में नहीं चलने दी जाएगी। अराजकता फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।

जिलाधिकारी गौरव दयाल


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