अशुभ मंगल से हो सकती हैं 7 तरह की समस्याएं जानें 5 असरदार उपाय

2018-07-24T10:37:27Z

अगर आपकी कुंडली में ग्रह दोष है तो उसके कारण आपको शारीरिक तौर पर कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। ज्योतिषाचार्य पंडित श्रीपति त्रिपाठी से जानिए कि मंगल ग्रह के दोष से कौनसा रोग होता है और उसके लिए जातक को कौन से उपाय करने चाहिए।

अगर आपकी कुंडली में ग्रह दोष है, तो उसके कारण आपको शारीरिक तौर पर कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। ज्योतिषाचार्य पंडित श्रीपति त्रिपाठी से जानिए कि मंगल ग्रह के दोष से कौन-सा रोग होता है और उसके लिए जातक को कौन से उपाय ​करने चाहिए।

मंगल से होने वाले रोग

पित्त रोग, सूखा रोग, भय, दुर्घटना, अग्नि से भय, बिजली से भय, रक्त बहना, उच्च रक्तचाप आदि। मंगल से पीड़ित व्यक्ति के लिए प्रतिदिन ध्यान करना उत्तम होता है। ध्यान रहे कि अशुभ मंगल से धैर्य की कमी होती है, अत: किसी भी स्थिति में धैर्य बनाए रखें।

अशुभ मंगल के लिए उपाय

1. लाल वस्त्र में सौंफ बांधकर शयन कक्ष में रखें।

2. बंधुजनों को मिष्ठाफन्न का सेवन कराएं।

3. बंदरों को गुड़ और चने खिलाने चाहिए।

4. गाय को चारा व जल पिलाकर सेवा करें।

5. गाय पर लाल वस्त्र ओढ़ाएं।

मंगल दोष हो तो क्या न करें

1. मंगल से पीड़ित व्यक्ति ज्यादा क्रोध ना करें।

2. अपने आप पर नियंत्रण नहीं खोना चाहिए।

3. किसी भी कार्य में जल्दबाजी नहीं दिखाएं।

4. किसी भी प्रकार के व्यसनों में लिप्त नहीं होना चाहिए।

कब अशुभ फल देता है मंगल

कर्क राशि में स्थित होने पर मंगल को नीच का कहा जाता है। यानी कर्क राशि में स्थित होने पर मंगल अन्य सभी राशियों की तुलना में शक्तिहीन व निर्बल होता है। इस स्थिति में वह अपने शुभ फल देने में असमर्थ होता है। मंगल का गोचर प्रभाव अन्य ग्रहों के गोचर से भी प्रभावित होता है, विशेषकर मानव जीवन को अत्यधिक प्रभावित करने वाले ग्रह गुरु व शनि के गोचर का ध्यान रखते हुए राशियों का फल निर्धारण किया जाना चाहिए।

मंगल को प्रसन्न करने के असरदार उपाय

कई बार किसी समय-विशेष में कोई ग्रह अशुभ फल देता है, ऐसे में उसकी शांति आवश्यक होती है। गृह शांति के लिए कुछ शास्त्रीय उपाय प्रस्तुत हैं। इनमें से किसी एक को भी करने से अशुभ फलों में कमी आती है और मंगल देवता प्रसन्न होते हैं।

1. मंगल देव को भूमिपुत्र भी कहा जाता है। उन्हें प्रसन्न करने के लिए मंगलवार का व्रत रखें।

2. एक समय बिना नमक का भोजन करें।

3. हनुमान चालीसा, हनुमानाष्टक, बजरंग बाण के पाठ करने से मंगल की शांति होती है।

4. इसके अलावा निम्न वस्तुओं के दान से भी मंगल प्रसन्न होते हैं: -

 मूंगा, गेंहू, मसूर, लाल वस्त्र, कनेरादि रक्त पुष्प, गुड़, गुड़ की रेवड़ियां, बताशें..

 मीठी रोटी (गुड़ व गेंहू की), तांबे के बर्तन, लाल चंदन, केसर, लाल गाय आदि का दान करें।

कष्ट मिटाएं मंगल के मंत्र:

सूर्योदयकाल के समय निम्न मंत्रों के जाप से भी काफी फायदा होता है।

ॐ अं अंगारकाय नम: अथवा

ॐ क्रां क्रीं क्रौं स: भौमाय नम: मंत्र

विशेष: 1,00,001 बार जप करने से यह मंत्र सिद्ध हो जाते हैं।

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