गुमराह कर रहा फेक मैसेज व लिंक

2018-10-27T06:00:11Z

सोशल मीडिया के जरिए आयुष्मान भारत योजना के संबंध में फैलाई जा रही अफवाह

vineet.tiwari@inext.co.in

ALLAHABAD: ह्वाटसएप से लेकर फेसबुक के साथ सोशल मीडिया पर इन दिनो एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है। एक यूआरएल के साथ शेयर हो रहे मैसेज में आयुष्मान भारत योजना में शामिल होने के लिए आवेदन करने को कहा जा रहा है। इस तरफ के फेक मैसेजेस ने स्वास्थ्य विभाग की नाक में दम कर रखा है। सच्चाई यह है कि नए लाभार्थियों को शामिल करने के लिए अलग प्रॉसेस चल रहा है। ऑनलाइन आवेदन की सरकार ने कोई व्यवस्था नही की है।

वायरल हो रहा है मैसेज

सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हो रहा है, जिसमें कहा जा रहा है कि अगर आपको प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (5 लाख रुपये के इंश्योरेंस) का फायदा लेना है तो ऑनलाइन आवेदन करें। इसके लिए एक यूआरएल भी शेयर किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि योजना में शामिल होने के लिए आवेदन करें। लिंक पर क्लिक करने पर आपकी पर्सनल इंफॉर्मेशन नाम, उम्र, आधार नंबर और मोबाइल नंबर जैसे डिटेल फिल करने के लिए कहा जा रहा है।

2011 में ही तय हो गए थे नाम

आयुष्मान योजना में जिन लोगों को लाभार्थी बनाया गया है उनका नाम 2011 की जनगणना में ही तय कर दिया गया था। यह वह लोग हैं जो इस जनगणना में सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग में शामिल थे। इन परिवारों को आयुष्मान योजना में शामिल किया गया है और इनको सालाना पांच लाख रुपए का नि:शुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाना है। नए लोगों को लाभार्थी सूची में शामिल करने का सरकार का फिलहाल कोई इरादा नही है।

नाम शामिल कराना है तो यहां जाइए

योजना का लाभार्थी बनना है तो नगर निगम और ग्राम विकास विभाग में संपर्क करना होगा। राज्य सरकार ने सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों का सर्वे करने का आदेश जारी किया है। इसका उद्देश्य ऐसे लोगों की सूची तैयार करना है। भविष्य में इनको आयुष्मान योजना में शामिल किया जाना है या नही? इस पर कोई आफिशियल निर्णय जारी नही किया गया है।

इन बातों का रखें ध्यान

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि आयुष्मान योजना में नाम शामिल करने के लिए आनलाइन कोई प्रक्रिया नहीं चल रही

लिंक के जरिए वेबसाइट पर्सनल डिटेल लेकर उनका मिसयूज कर सकती हैं

जिले में आयुष्मान योजना की लाभार्थी सूची में 2.5 लाख परिवार दर्ज हैं

योजना लांच होने के एक माह के भीतर 37 का इलाज किया गया

सोशल मीडिया पर चल रही ऐसी फेक इंफार्मेशन से लोग भ्रमित हो रहे हैं। कई बार कार्यालय में आकर लोग पूछताछ करते हैं। मेरी अपील है कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की ऐसी कोई स्कीम सरकार ने लांच नही की है।

डॉ। एके तिवारी,

नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत


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