Movie Review फैमिली मेंबर्स के दिलों को छूकर निकली 'दिल धड़कने दो'

2015-06-04T19:08:05Z

यह सबसे अच्‍छा उदाहरण है जब किसी अच्‍छी स्‍टोरी को टैलेंटेड कलाकार फिल्‍मी पर्दे पर उकेरते हैं तो उसकी खूबसूरती देखने लायक ही बनती है उसमें यदि डायरेक्‍शन परफेक्‍ट मिल जाए तो फिर कहना ही क्‍या जी हां हम बात कर रहे हैं जोया अख्‍तर के निर्देशन में बनी फिल्‍म 'दिल धड़कने दो' के बारे में रीमा कागती और जोया अख्‍तर द्वारा लिखी गई कहानी एक आम फैमिली के दिलों को छूकर निकलती है तो आइए पढ़ें क्‍या कहता है मूवी रिव्‍यू

'Dil Dhadakne Do'
U/A; Comedy/Drama
Director: Zoya Akhtar
Cast: Anil Kapoor, Priyanka Chopra, Ranveer Singh, Anushka Sharma, Farhan Akhtar, Shefali Shah, Rahul Bose
दिलों के नजदीक है कहानी
रीमा और जोया ने मेहरा फैमिली की कहानी इस तरह रची है, जो आपकी और हमारी फैमिली के जैसी ही लगती है. कमल मेहरा (अनिल कपूर) एक शेखीबाज और अपनी धुन में मगन रहने वाला पिता है. जबकि मां नीलम एक टिपिकल सफरिंग वाइफ है, जो अपनी फैमिली को खुश रखने के लिए जी-जान से जुटी रहती है. इनकी स्मार्ट और बहादुर बेटी आयशा (प्रियंका चोपड़ा) है. वहीं बेटा कबीर (रणवीर सिंह) अपनी फैमिली मेंबर्स स्पेशली पिता के आदेशों के बीच फंसा रहता है. पिता कमल मेहरा ने कबीर के लिए जिंदगी जीने का एक तरीका बनाया है और वह चाहता है कि उनका बेटा उसी लाइन पर चले. इसके अलावा एक फैमिली पेट है जिसका नाम प्लूटो मेहरा है. आयशा की शादी मानव (राहुल बोस) से हो चुकी है लेकिन उनकी मैरिड लाइफ सही नहीं चलती. हालांकि इन सब के बावजूद पूरी फैमिली मेहरा की 30वीं वेडिंग एनीवर्सिरी सेलीब्रेट करने एक क्रूज ट्रिप पर जाते हैं. जहां पर शुरु होता है टि्वस्ट. यहीं पर कबीर की मुलाकात फराह (अनुष्का शर्मा) से होती है और वह उससे प्यार करने लगता है. वहीं आयशा की मुलाकात अपने पुराने बेस्ट फ्रेंड सनी (फरहान अख्तर) से होती है.

एक्टिंग में छा गई यह मेहरा फैमिली
इस फिल्म की एक्टिंग की बात की जाए, तो इसमें कमल मेहरा का किरदार अनिल कपूर के अलावा कोई दूसरा एक्टर नहीं कर सकता. अनिल ने इसमें बहुत जबर्दस्त एक्टिंग की है जबकि शेफाली शाह क्रुसिअल और सेंसिटिव मोमेंट्स में काफ रियलिस्टिक लगी हैं. लेकिन यह फिल्म पूरी तरह से प्रियंका और रणवीर के इर्द-गिर्द घूमती है. जब यह दोनों एक साथ स्क्रीन पर होते हैं, तो इनकी एक्टिंग का जादू सा छा जाता है. हिंदी फिल्म में इससे बेहतर सिब्लिंग्स केमिस्ट्री किसी की नहीं बन सकती. हालांकि इन दोनों ने मैक्िसमम टाइम स्क्रीन पर दिखाई दिए. इसके अलावा अनुष्का, राहुल और फरहान अख्तर का भी अच्छा सपोर्ट मिला.
डॉयलॉग्स और डायरेक्शन है कमाल
इस फिल्म के लिए डायरेक्टर जोया अख्तर की तारीफ करना बनता है. उन्होंने सभी कलाकारों को काफी संजीदगी से इस्तेमाल किया. वहीं डॉयलॉग्स में फरहान अख्तर का कोई जवाब नहीं. फिल्म के सभी डॉयलॉग्स काफी इंट्रेस्टिंग और ह्यूमर कोटेड हैं. हालांकि कहीं-कहीं आपको रिपिटेशन मिल सकती है. यह क्रूज ट्रिप आपको काफी सीनिक प्लेस दिखलाती है, जिसमें कि टर्की, फ्रांस, स्पेन, ट्यूनीशिया और इटली जैसे देशों की खूबसूरती देखने को मिलेगी. हालांकि इस पूरी जर्नी में मेहरा फैमिली का डबल स्टैंडर्ड देखने को मिल जाएगा, जो आमतौर पर इंडियन फैमिली में पाया जाता है. इसकी कहानी हमारी और आपकी फैमिली के दिल को छूकर निकलती है. फिलहाल ओवरऑल देखा जाए, तो यह एक इंटरटेनिंग मूवी है, जिसे एक बार देखना बनता है.
Review by: Shubha Shetty-Saha
shubha.shetty@mid-day.com

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