बिन आधार नो आहार 56 फीसदी बच्चों के पोषण आहार पर मंडरा रहा है खतरा

2019-06-27T11:14:36Z

बिन आधार नो आहार यह बात उन लाखों बच्चों पर लागू होने जा रही है जिनको अभी तक सरकारी पोषाहार मुहैया हो रहा था

आंकड़ों की बात

549471 पुष्टाहार दिए जाने वाले बच्चों की संख्या

243340 की आधार फीडिंग हुई है

306131 का आधार फीड नहीं हुआ

-56 फीसदी बच्चों के पोषण आहार पर मंडरा रहा है खतरा

-आधार कार्ड नहीं बना होने से फीडिंग में आ रही दिक्कत

allahabad@inext.co.in

PRAYAGRAJ : बिन आधार नो आहार. यह बात उन लाखों बच्चों पर लागू होने जा रही है, जिनको अभी तक सरकारी पोषाहार मुहैया हो रहा था. लेकिन सरकार के आधार फीडिंग के आदेश के बाद इस पर खतरा मंडराने लगा है. जल्द ही हल नहीं निकला तो कुपोषण से जूझ रहे प्रयागराज के लिए बच्चों को इससे बचाना मुश्किल होगा.

56 फीसदी बच्चों की मुश्किल

बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए उन्हें पुष्टाहार दिया जाता है. लेकिन शासन की ओर से लाभार्थी बच्चों का आधार लिंक कराने के आदेश के बाद यह प्रक्रिया बाधित हो रही है. जिले में 549471 बच्चों को पोषाहार दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है. इसमें से अभी तक 243340 यानी 44 फीसदी की फीडिंग हो सकी है. बाकी 56 फीसदी बच्चों का आधार प्राप्त करने की कवायद जारी है. विभाग का कहना है कि लाखों बच्चों का आधार नहीं बना होने से यह दिक्कतें पेश आ रही हैं. अगर जल्द ही इनका आधार फीड नहीं हुआ तो पोषाहार का आवंटन रुक सकता है.

आधार बनाने पर पैसा मांगने की शिकायत

उधर, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का कहना है कि अब बच्चों का आधार बनवाना आसान नहीं है. जिले में गिनती के सेंटर बनाए गए हैं. इनमें से अधिकतर बैंक और डाकघरों में हैं. यहां प्रतिदिन गिनती के लोगों के आवेदन ही लिए जाते हैं. कई सेंटर्स ऐसे हैं जहां बच्चों का आधार बनवाने के बदले सुविधा शुल्क की डिमांड की जा रही है. इसकी शिकायत विभाग से की जा चुकी है. कुछ बच्चों का फिंगर प्रिंट मशीन में स्कैन नहीं होने से भी प्रॉब्लम हो रही है.

दो माह से चल रहा है काम

बच्चों के आधार फीडिंग का आदेश दो माह पहले आया था. हाल ही में विभाग ने 56 फीसदी की फीडिंग नहीं होने की जानकारी दी तो शासन स्तर पर खलबली मच गई. सरकार का कहना है कि जिनका आधार नहीं बना है उनकी सूची उपलब्ध कराई जाए. इसके आधार पर उन्हें पुष्टाहार उपलब्ध कराने का आदेश जारी किया जा सकता है. इसके पहले बच्चों की पात्रता की भी जांच कराई जा सकती है.

दस फीसदी महिलाएं बाकी

इसी तरह प्रेगनेंट महिलाओं को पोषाहार उपलब्ध कराने की योजना में भी आधार फीडिंग के आदेश दिए गए हैं. यह आदेश फिलहाल खटाई में नहीं पड़ा है. इनमें महज दस फीसदी महिलाएं ऐसी हैं जिनका आधार उपलब्ध नहीं हो सका है. जिले में कुल 109348 महिलाओं का आधार फीड कराया जाना था. इसमें से 97535 महिलाएं का लक्ष्य पूरा हो चुका है. दिक्कत केवल बच्चों में ही पेश आ रही हैं.

वर्जन..

जिन बच्चों के पास आधार नहीं है उनकी सूची शासन को भेज दी गई है. कोशिश है कि किसी भी बच्चे का पुष्टाहार आवंटन बाधित न हो. अगर पर्याप्त संख्या में सेंटर खुल जाएं तो सभी का आधार फटाफट बनवाया जा सकता है.

-मनोज राव, जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रयागराज


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