दुनिया भर की निगाहें इस समय उत्तर कोरिया पर टिकी हैं कि क्या वो 15 अप्रैल यानी सोमवार को क्लिक करें मिसाइल परीक्षण करेगा या नहीं.

15 अप्रैल उत्तर कोरिया का राष्ट्रीय दिवस है और इस बार 15 अप्रैल को उत्तर कोरिया अपने संस्थापक किम इल-सुंग की पैदाइश की 101वीं वर्षगांठ मना रहा है. समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार उत्तर कोरिया का इतिहास रहा है कि वो अपने ज़्यादातर प्रमुख सैन्य परीक्षण देश के महत्वपूर्ण दिवस पर ही करता है.

इसीलिए पिछले कुछ दिनों से इस बात की आशंका व्यक्त की जा रही है कि उत्तर कोरिया 15 अप्रैल को मिसाइल परीक्षण कर सकता है. पिछले साल इसी दिन किम इल-सुंग के 100वे जन्मदिवस पर भी उत्तर कोरिया ने लंबी दूरी तक मार करने वाले रॉकेट का परीक्षण किया था लेकिन वो विफल रहा था.
दक्षिण कोरिया की ख़ुफ़िया एजेंसी के अनुसार उत्तर कोरिया ने पिछले एक सप्ताह से मध्यम दूरी तक मार करने वाले दो मिसाइल को तैनात कर रखा है और अधिकतर राजनीतिक विश्लेषकों का अनुमान है कि वो 15 अप्रैल को मिसाइल लॉन्च करेगा.
तनाव
इसी साल फ़रवरी में जब उत्तर कोरिया ने तीसरा परमाणु परीक्षण किया तभी से पूरे कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बना हुआ है. संयुक्त राष्ट्र के ज़रिए नए प्रतिबंध लगाए जाने और दक्षिण कोरिया तथा अमरीका के संयुक्त सैन्य अभ्यास से ग़ुस्साए उत्तर कोरिया ने मिसाइल हमले और परमाणु युद्ध की धमकी दी है.

इस बीच चार देशों की एशियाई यात्रा के अंतिम चरण में रविवार को जापान पहुंचे अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने उत्तर कोरिया को चेतावनी दी है कि मौजूदा माहौल में उत्तर कोरिया के ज़रिए मिसाइल परीक्षण 'बहुत बड़ी ग़लती' होगी.

दक्षिण कोरिया, चीन और जापान की यात्रा के दौरान अमरीकी विदेश मंत्री ने उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ कड़े तेवर दिखाए लेकिन साथ ही माहौल को शांत करने के उद्देश्य से केरी ने उत्तर कोरिया को बातचीत का न्यौता भी दिया.

केरी ने उत्तर कोरिया के नेता किम जुंग-उन को दोबारा बातचीत का रास्ता अपनाने की दावत दी. रविवार को जापान की राजधानी टोक्यो में पत्रकारों से बातचीत करते हुए केरी ने कहा, ''हमलोगों उत्तर कोरिया से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन उसके लिए हम उपयुक्त हालात चाहते हैं.''

दक्षिण कोरिया की नई महिला राष्ट्रपति पार्क ग्युईन हाइ ने हाल ही में उत्तर कोरिया से बातचीत शुरू करने की वकालत की थी. केरी ने भी दक्षिण कोरिया की इस पहल का समर्थन किया था. लेकिन दक्षिण कोरिया की इस पहल को उत्तर कोरिया ने ख़ारिज कर दिया था.

रविवार को सरकारी मीडिया केसीएनए से बातचीत के दौरान उत्तर कोरिया के एक प्रवक्ता ने दक्षिण कोरिया की पहल को चालाकी भरा क़दम क़रार देते हुए कहा, ''हमलोगों की नज़र में दक्षिण कोरिया की बातचीत की पेशकश खोखली है जिसका कोई अर्थ नहीं है. अगर दक्षिण कोरिया सचमुच में बातचीत के लिए गंभीर है तो उसे पहले अपने उकसाने वाले क़दम को छोड़ना चाहिए.''

इस बीच उत्तर कोरिया के संभावित मिसाइल परीक्षण को देखते हुए दक्षिण कोरिया और जापान पूरी तरह सतर्क हैं. जापान ने तो राजधानी टोक्यो के चारों तरफ़ पैट्रियट मिसाइल तैनात कर दिए हैं और उसने कहा है कि उत्तर कोरिया की तरफ़ से आने वाले किसी भी मिसाइल को वो मार गिराएगा.

 

 

 

Posted By: Garima Shukla